लखनऊ। हिंदू धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक हर माह में पड़ने वाले मंगलवार खास महत्व होता है। क्योंकि यह दिन हनुमान जी को समर्पित होता है। लेकिन जब बात ज्येष्ठ माह के मंगलवार की आती है, तो इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। क्योंकि ज्येष्ठ मास के हर मंगलवार को बड़ा मंगल कहा जाता है। इस दिन भक्त व्रत रखते हैं, पूजा करते हैं और भंडारे का आयोजन करते हैं। मान्यता है कि इस दिन की गई सच्ची भक्ति हर संकट को दूर कर देती है और जीवन में नई ऊर्जा भरती है। आमतौर पर ज्येष्ठ माह में 3 से 4 बड़े मंगलवार पड़ते हैं, लेकिन इस बार यानी 2026 में ज्येष्ठ में इस बार आठ बड़े मंगलवार पड़ रहे हैं। अधिकमास की वजह से इस बार ज्येष्ठ माह 60 दिन को होगा। इसलिए इस माह में अधिक बड़े मंगल पड़ रहे हैं। इन दिनों अंजनी पुत्र बजरंगबली की पूजा अर्चना करना विशेष फलदायी माना जाता है। पंचांग अनुसार इस बार ज्येष्ठ माह 2 मई से शुरू होकर 29 जून तक रहेगा। इस हिसाब से मई और जून में कुल 8 मंगलवार पड़ेंगे।
ज्येष्ठ माह 2026 में कब-कब पड़ रहा है बड़ा मंगल
पहला बड़ा मंगल- 5 मई 2026
दूसरा बड़ा मंगल – 12 मई 2026
तीसरा बड़ा मंगल- 19 मई 2026
चौथा बड़ा मंगल- 26 मई 2026
पांचवां बड़ा मंगल- 2 जून 2026
छठवां बड़ा मंगल- 9 जून 2026
सातवां बड़ा मंगल- 16 जून 2026
आठवां बड़ा मंगल- 23 जून 2026
बड़ा मंगलवार का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक ज्येष्ठ माह के मंगलवार के दिन कोई न कोई विशेष घटना हुई हैं, इसलिए ज्येष्ठ माह के सभी मंगलवार को विशेष माना जाता है। रामायण की कथा के अनुसार जब प्रभु श्रीराम माता सीता की तलाश में भटक रहे थे, तो हनुमान जी पहली बार हनुमान जी से मिले थे। कहा जाता है कि हनुमान जी और प्रभु श्रीराम का मिलन पहली बार ज्येष्ठ माह के मंगलवार को हुआ था, इसलिए इस ज्येष्ठ माह के मंगलवार को बड़ा या बुढ़वा मंगलवार के नाम से जाना गया। इतना ही ही नहीं हनुमान जी ने रावण का अंहकार तोड़ते हुए पूरी सोने की लंका में आग लगा दी। यह घटना ज्येष्ठ माह के मंगलवार के दिन हुई थी इसलिए इसे बड़ा मंगलवार कहा गया। ज्येष्ठ माह के मंगलवार को हनुमान जी को अमरत्व का वरदान मिला था। अमरत्व का वरदान मिलने के बाद हनुमान जी चिंरजीवी हो गए थे। इस दिन व्रत भी रखते हैं। व्रत रखने का उद्देश्य केवल भोजन से दूर रहना नहीं, बल्कि मन और इंद्रियों को नियंत्रित करना होता है।व्रत के दौरान दिनभर भगवान का ध्यान किया जाता है और शाम को पूजा के बाद फलाहार लिया जाता है। इससे मन शांत होता है और नकारात्मक विचारों से दूरी बनती है।
60 दिन तक चलेगा ज्येष्ठ मास
इस साल अधिकमास की शुरूआत 17 मई 2026 से होगी और यह 15 जून 2026 को समाप्त होगा. चूंकि 2 मई 2026 से ज्येष्ठ महीना शुरू हो रहा है, जिससे अधिकमास ज्येष्ठ मास के बीच में पड़ेगा और इसी के साथ जुड़ जाएगा. इसलिए इस साल जेठ का महीना 30 की बजाय 60 दिन का होगा. पंचांग के अनुसार साल 2026 में ज्येष्ठ महीना 2 मई 2026 से 29 जून 2026 तक चलेगा. इस दौरान 8 मंगलवार पड़ेंगे, यानी कि 8 बड़ा मंगल मनाए जाएंगे. इस तरह अन्य साल की तुलना में हनुमान जी के भक्तों को बड़ा मंगल पर उनकी कृपा पाने के दोगुने मौके और पुण्य फल प्राप्त होंगे।
अधिकमास में क्या करना चाहिए
अधिक मास के अधिष्ठाता भगवान विष्णु हैं, इसलिए भगवान की भक्ति करनी चाहिए। पुराणों के मुताबिक इस अधिकमास में यज्ञ-हवन श्रीमद् देवी भागवत, श्री भागवत पुराण, श्री विष्णु पुराण, भविष्योत्तर पुराण सुनना फलदायी माना गया है। इस महीने में दीपदान, मालपुए और पान का दान करना चाहिए।
बड़ा मंगल की पूजा-विधि
बड़ा मंगल के दिन पूजा करने के लिए सुबह जल्दी उठना शुभ माना जाता है। स्नान करने के बाद साफ और लाल या केसरिया वस्त्र पहनें। घर में पूजा स्थल या मंदिर में हनुमानजी की प्रतिमा के सामने दीपक जलाएं। पूजा के दौरान रोली, चावल, फूल और प्रसाद अर्पित करें। हनुमानजी को विशेष रूप से बूंदी, बेसन के लड्डू और केले का भोग लगाया जाता है। इसके बाद हनुमान चालीसा का पाठ करें। अगर समय हो तो सुंदरकांड का पाठ करना और भी शुभ माना जाता है। अंत में आरती करें और प्रसाद बांटें।
हनुमान जी को चढाये चोला
बड़ा मंगल के दिन हनुमान मंदिरों में चोला चढ़ाने की विशेष परंपरा होती है। इसके लिए चमेली के तेल में सिंदूर मिलाया जाता है और श्रद्धा से हनुमानजी को चढ़ाया जाता है। ध्यान रखने वाली बात यह है कि चोला हमेशा पैरों से शुरू करके ऊपर की ओर चढ़ाया जाता है। इसके बाद दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ किया जाता है। यह परंपरा विशेष रूप से उन लोगों के लिए मानी जाती है जो जीवन में किसी परेशानी या बाधा का सामना कर रहे हों।
हनुमानजी के मंत्र
इस दिन हनुमानजी के मंत्रों का जाप करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।सरल मंत्र जैसे ॐ हनुमते नम: का जाप भी सकारात्मक ऊर्जा देता है।जो लोग नियमित रूप से मंत्र जाप करते हैं, उन्हें मानसिक शांति और आत्मबल में वृद्धि महसूस होती है। कहा जाता है कि सच्चे मन से किया गया जाप व्यक्ति के अंदर छिपी शक्ति को जागृत करता है।
दान और सेवा का विशेष महत्व





