विहसंत सागर जी महाराज का 43वां अवतरण दिवस हर्षोल्लास के साथ संपन्न
लखनऊ। उपाध्याय श्री वीहसंत सागर जी महाराज का 43वां अवतरण दिवस लघुधाम परिवार एवं समस्त लखनऊ जैन समाज द्वारा अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर एटा, भिंड, ग्वालियर, कानपुर, आगरा, मैनपुरी सहित विभिन्न जनपदों से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं एवं भक्तों ने पूज्य गुरुवर पर पुष्पवर्षा कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। संपूर्ण कार्यक्रम के दौरान वातावरण पूर्णत: भक्तिमय बना रहा तथा श्रद्धालुओं ने गुरु भक्ति के भावों का उत्साहपूर्वक प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में सुधीर जैन (मैनपुरी) को पूज्य गुरुवर का चरण प्रक्षालन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। आदिश जैन द्वारा शास्त्र दान किया गया। महिला मंडल, आगरा को पूज्य गुरुवर की आरती करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। शिवपुरी एमपी जैन समाज द्वारा पीछी दान , कमंडल दान सुजीत कुमार जैन तथा संजीव जैन बच्चू को पूज्य गुरुवर पर पुष्पवर्षा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इन सभी धार्मिक अनुष्ठानों में उपस्थित श्रद्धालुओं ने अत्यंत उत्साह एवं श्रद्धा के साथ सहभागिता निभाई। अपने मंगल प्रवचन में पूज्य उपाध्याय श्री वीहसंत सागर जी महाराज ने कहा कि उनका जन्मदिवस केवल उत्सव का अवसर न होकर समाज के लिए परोपकार, सेवा एवं जनकल्याण की प्रेरणा का दिवस बने, यही उनकी भावना है। उन्होंने सभी के सुख, शांति एवं कल्याण की मंगलकामना करते हुए धर्म, संयम, सदाचार एवं सेवा के मार्ग पर अग्रसर रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ अध्यक्ष चंद्रप्रकाश जैन के अध्यक्षीय उद्बोधन से हुआ। उन्होंने गुरु की महिमा का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि गुरु के सान्निध्य से जीवन में ज्ञान, संस्कार एवं आत्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है। गुरु ही समाज को सही दिशा प्रदान करते हैं और उनके बताए मार्ग पर चलकर व्यक्ति अपने जीवन को सार्थक बना सकता है। इस अवसर पर अनेक श्रद्धालुओं ने पूज्य गुरुवर के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करते हुए उनके दीघार्यु एवं स्वस्थ जीवन की मंगलकामना की। कार्यक्रम में भजन, गुरु वंदना एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी उपस्थित जनों को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से अखिल जैन, अखिलेश जैन, अजय जैन, मनोज जैन, शरद जैन, आदेश जैन, वीर कुमारजैन, सिद्धार्थ जैन, कैलाशचंद्र जैन, रितेश जैन, संजीव जैन सहित अनेक श्रद्धालु एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।





