आज पेश होगा 40 हजार करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सदन की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ गई। कार्यवाही शुरू होते ही समाजवादी पार्टी (सपा) समेत विपक्षी दलों के विधायकों ने अयोध्या में कथित चंदा चोरी, छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और अन्य मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। लगातार विरोध और शोर-शराबे के बीच विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कई बार विपक्ष से अपनी सीटों पर लौटने की अपील की, लेकिन जब स्थिति सामान्य नहीं हुई तो सदन की कार्यवाही दोपहर 12:20 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
विपक्षी सदस्य वेल में पहुंचकर सरकार से इन मुद्दों पर चर्चा कराने की मांग करते रहे, जबकि सत्ता पक्ष के विधायक भी विरोध का जवाब देते हुए नारेबाजी करते रहे। दोनों पक्षों के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी।
इसी बीच योगी सरकार मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट पेश करेगी। करीब 40 हजार करोड़ रुपये के इस बजट में कई नई घोषणाओं के साथ चल रही योजनाओं के लिए अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान किए जाने की संभावना है। माना जा रहा है कि सरकार आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में बढ़ोतरी का ऐलान कर सकती है। इसके अलावा वकीलों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा, मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना की राशि बढ़ाने, मेधावी छात्राओं की स्कूटी योजना के बजट में इजाफा और मनरेगा के लंबित भुगतान के लिए भी अतिरिक्त धन का प्रावधान किया जा सकता है।
सूत्रों के अनुसार, विधानसभा चुनाव से पहले सरकार युवाओं, महिलाओं और किसानों को केंद्र में रखकर कई योजनाओं को गति देने की तैयारी में है। रोजगार, कौशल विकास और महिला सशक्तीकरण से जुड़ी योजनाओं के लिए भी अतिरिक्त बजट आवंटित किया जा सकता है। वहीं, जिन घोषणाओं को 2022 के संकल्प पत्र के बावजूद अब तक लागू नहीं किया जा सका है, उन्हें भी इस अनुपूरक बजट में शामिल किए जाने पर विचार किया जा रहा है।
उधर, समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने सरकार के अनुपूरक बजट पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब सरकार अपने मूल बजट का 30 से 50 प्रतिशत तक ही खर्च कर पाई है, तब अनुपूरक बजट लाने की जरूरत क्यों पड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अतिरिक्त बजट के जरिए अपनी वित्तीय विफलताओं को छिपाने का प्रयास कर रही है।
6 अगस्त तक चलने वाले इस संक्षिप्त मानसून सत्र में सरकार अनुपूरक बजट के अलावा कई विधेयकों को भी पारित कराने की तैयारी में है। वहीं विपक्ष ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी, पेपर लीक और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। ऐसे में आगामी दिनों में सदन के भीतर और बाहर राजनीतिक टकराव तेज रहने के आसार हैं।





