नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार का पक्ष रखने वाले वकील के अनुरोध पर अयोध्या राम मंदिर से जुड़े चढ़ावा चोरी मामले की अदालत की निगरानी में एसआईटी जांच का अनुरोध करने वाली याचिकाओं पर सुनवाई टालने की अर्जी पर सुनवाई करने पर सोमवार को सहमति जताई।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ को वकील ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार का मामले में पक्ष रख रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रतिनिधिमंडल के साथ संयुक्त राष्ट्र गए हैं। पीठ ने सवाल किया कि क्या मामले सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हैं। वकील ने कहा, हां, वाद संख्या 30-33… कृपया इनपर अगले हफ्ते सुनवाई करें पीठ इस अनुरोध पर विचार करने पर सहमत हो गई।
उच्चतम न्यायालय ने 27 जुलाई को अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच के लिए पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) किरण एस. की अगुवाई में चार सदस्यों वाली एसआईटी के गठन का संज्ञान लिया। पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार से जांच टीम में एक फोरेंसिक आॅडिटर को भी शामिल करने के लिए कहा था। पीठ ने विशेष जांच टीम (एसआईटी) को दो हफ्ते में स्थिति रिपोर्ट सौंपने का भी निर्देश दिया।





