नयी दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जापान की अपनी समकक्ष सनाए तकाइची के साथ बृहस्पतिवार को शिखर वार्ता की जिसमें दोनों देशों के आर्थिक संबंधों के विस्तार, अर्धचालकों के लिए मजबूत एवं लचीली आपूर्ति शृंखला विकसित करने तथा महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया।इस वार्ता के बाद दोनों पक्षों द्वारा आर्थिक सुरक्षा सहयोग पर एक संयुक्त घोषणा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में सहयोग पर एक संयुक्त वक्तव्य जारी किए जाने की संभावना है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शिखर वार्ता के लिए मोदी द्वारा तकाइची की मेजबानी किए जाने के संदर्भ में सोशल मीडिया पर लिखा, ‘‘विश्वास, साझा मूल्यों और रणनीतिक सामंजस्य पर आधारित साझेदारी को आगे बढ़ाते हुए…।
महत्वपूर्ण खनिजों और औषधि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर भी दोनों पक्षों द्वारा विस्तार से विचार-विमर्श करने की संभावना है।जापान की प्रधानमंत्री तीन दिवसीय भारत यात्रा पर हैं।
भारत और जापान के संबंध हाल के वर्षों में और मजबूत हुए हैं। दोनों देशों के संबंधों को 2014 में विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी का दर्जा दिया गया था।
दोनों देश 2027 में राजनयिक संबंधों की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ मनाएंगे। ऐसे में सुरक्षा, व्यापार एवं निवेश, आर्थिक सुरक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, संस्कृति और दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी संबंधों समेत कई क्षेत्रों में सहयोग लगातार गहरा हो रहा है। अब इस द्विपक्षीय ढांचे में संवाद के 70 से अधिक तंत्र शामिल हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले वर्ष अगस्त में तोक्यो में आयोजित 15वें वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए जापान की यात्रा की थी। वार्षिक शिखर सम्मेलन दोनों देशों की साझेदारी के रणनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने वाला प्रमुख मंच है।





