नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु रोमानिया के दौरे पर हैं। यह लगभग तीन दशकों में किसी भारतीय राष्ट्रपति की रोमानिया की पहली राजकीय यात्रा है। राष्ट्रपति मुर्मु ने रोमानिया के राष्ट्रपति के आधिकारिक निवास-सह-कार्यालय, कोटरोसेनी पैलेस का दौरा किया। रोमानिया के राष्ट्रपति निकुसोर डैन ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया तथा उनका औपचारिक स्वागत किया गया एवं गार्ड ऑफ़ ऑनर दिया गया।
गुरुवार को आमने-सामने की बैठक और प्रतिनिधिमंडल-स्तर की बातचीत के दौरान, दोनों नेताओं ने भारत-रोमानिया द्विपक्षीय साझेदारी के सभी प्रमुख आयामों पर उपयोगी एवं भविष्योन्मुखी चर्चा की। वे दोनों देशों के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सहयोग को और बढ़ाने पर सहमत हुए। राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि भारत और रोमानिया के बीच सात दशकों से भी अधिक समय से गर्मजोशी भरी और चिरस्थायी मित्रता रही है। यह मित्रता आपसी विश्वास, सम्मान और दोनों देशों के लोगों के बीच घनिष्ठ संबंधों पर आधारित है। समय बीतने के साथ-साथ हमारी साझेदारी निरंतर सुदृढ़ हुई है और अब यह अधिक बड़े लक्ष्यों, व्यापक सहयोग तथा भविष्य के लिए साझा दृष्टि के साथ एक नए चरण में प्रवेश कर रही है।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत–रोमानिया साझेदारी का एक महत्वपूर्ण आधार आर्थिक सहयोग है। दोनों नेता व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने, सशक्त एवं विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखलाएं बनाने, और दोनों देशों के व्यापारिक समुदायों के बीच निकट सहयोग को प्रोत्साहित करने पर सहमत हुए। वे अगले तीन वर्षों में हमारे द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने की दिशा में काम करने पर भी सहमत हुए।
उन्होंने कहा कि रोमानिया, यूरोपीय संघ में भारत का एक महत्वपूर्ण साझेदार है। उन्होंने उल्लेख किया कि भारत–यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता हमारे उद्योगों और कौशल-प्राप्त पेशेवरों के लिए अभूतपूर्व अवसरों के द्वार खोलेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा, संस्कृति और लोगों के बीच आपसी संपर्क भारत-रोमानिया संबंधों की मजबूत नींव हैं। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि आज इन क्षेत्रों से जुड़े तीन महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और रोमानिया, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सहयोग कार्यक्रम के अंतर्गत संयुक्त अनुसंधान और विकास को आगे बढ़ाएंगे। भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) के सहयोग से बुखारेस्ट विश्वविद्यालय में भारतीय अध्ययन पीठ की स्थापना की जा रही है। भारत सरकार ने भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (आईटीईसी) कार्यक्रम के अंतर्गत रोमानिया के लिए प्रशिक्षण के अवसरों की संख्या दोगुनी करने का निर्णय लिया है।
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि वर्ष 2028 में भारत और रोमानिया के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 80 वर्ष पूरे होंगे। इस अवसर को दोनों देशों ने भारत–रोमानिया नवाचार वर्ष के रूप में मनाने पर सहमति व्यक्त की है।
आपको बता दें, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मोल्दोवा, उत्तर मैसिडोनिया और रोमानिया की अपनी राजकीय यात्राओं के अंतिम चरण में कल 23 जुलाई, 2026 बुखारेस्ट, रोमानिया पहुंचीं थीं। हवाई अड्डे पर पहुंचने पर रोमानिया की विदेश मंत्री ओआना-सिल्विया तोइउ ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। आज यानी 24 जुलाई 2026 को राष्ट्रपति भारत-रोमानिया व्यापार मंच की बैठक को संबोधित करेंगी और रोमानिया की संसद तथा बुखारेस्ट यूनिवर्सिटी ऑफ इकोनॉमिक स्टडीज़ का दौरा करेंगी।





