लखनऊ। समाजवादी पार्टी के संरक्षक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के छोटे पुत्र प्रतीक यादव का पार्थिव शरीर आज अपने अंतिम सफर पर निकल पड़ा। लखनऊ स्थित उनके आवास से जब उनकी शव यात्रा भैंसा कुंड (बैकुंठ धाम) के लिए रवाना हुई, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम थीं। प्रतीक यादव के आकस्मिक निधन से शोक में डूबे हजारों समर्थकों और परिजनों का हुजूम उनकी अंतिम झलक पाने के लिए सड़कों पर उमड़ पड़ा।

प्रतीक यादव की अंतिम यात्रा के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए हैं। शव वाहन में शिवपाल सिंह यादव के पुत्र आदित्य यादव और प्रतीक की पत्नी अपर्णा यादव के भाई अमन विष्ट पार्थिव शरीर के साथ मौजूद रहे। जैसे-जैसे शव यात्रा आगे बढ़ी, समर्थकों का जमावड़ा बढ़ता गया। बैकुंठ धाम पर भी भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए हैं, ताकि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
इस दुखद घड़ी में राजनीतिक दलों की दीवारें भी ढहती नजर आईं। प्रतीक यादव को श्रद्धांजलि देने के लिए बैकुंठ धाम पर वीआईपी नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों का तांता लगा हुआ है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र नीरज सिंह ने घाट पहुंचकर शोक व्यक्त किया और परिवार को ढांढस बंधाया। वहीं, अखिलेश यादव के पुत्र अर्जुन यादव भी अपने चाचा को अंतिम विदाई देने के लिए भैंसा कुंड पहुंच चुके हैं।

पूरा यादव परिवार इस कठिन समय में एक साथ खड़ा नजर आ रहा है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव और वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव भी जल्द ही श्मशान घाट पहुंच रहे हैं। प्रतीक यादव भले ही सक्रिय राजनीति से दूर रहे हों, लेकिन उनकी अंतिम यात्रा में उमड़ी यह भीड़ उनके प्रति लोगों के लगाव और यादव परिवार की गहरी जड़ों को दर्शाती है। लखनऊ के सिविल अस्पताल में अंतिम सांस लेने वाले प्रतीक यादव का जाना उत्तर प्रदेश की राजधानी के सामाजिक और राजनीतिक हलकों के लिए एक अपूरणीय क्षति है।





