वाशिंगटन। अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने अमेरिकी सीनेटर और नौसेना के विशेष बल ‘सील’ के पूर्व सदस्य टिम शीही से महत्वपूर्ण मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच भारत और अमेरिका के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी, विशेषकर रक्षा क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत बनाने पर व्यापक चर्चा हुई।
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक स्तर पर सुरक्षा चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं और भारत-अमेरिका संबंधों को एक मजबूत एवं भरोसेमंद साझेदारी के रूप में देखा जा रहा है। क्वात्रा ने इस मुलाकात को सकारात्मक बताते हुए कहा कि सीनेटर शीही का सैन्य अनुभव और उनकी रणनीतिक समझ दोनों देशों के साझा सुरक्षा हितों को आगे बढ़ाने में बेहद महत्वपूर्ण है।
राजदूत क्वात्रा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपने आधिकारिक बयान में कहा कि सीनेटर टिम शीही के साथ उनकी बैठक बेहद उपयोगी रही। उन्होंने कहा कि एक पूर्व सैनिक होने के नाते शीही को युद्ध और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों की गहरी समझ है, जो भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग को नई दिशा दे सकती है। क्वात्रा ने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच रक्षा साझेदारी पहले से ही मजबूत है, लेकिन इसे और विस्तारित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।
उन्होंने अमेरिका के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी के प्रति शीही के समर्थन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सहयोग से दोनों देशों के बीच विश्वास और मजबूत होगा। रक्षा क्षेत्र में यह साझेदारी न केवल दोनों देशों की सुरक्षा को सुदृढ़ करेगी, बल्कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाएगी।
इससे पहले राजदूत क्वात्रा ने अमेरिका के वाणिज्य मंत्रालय के अवर सचिव जेफरी केसलर और विलियम किमिट से भी मुलाकात की। इस बैठक में भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक और वाणिज्यिक संबंधों को और गहरा करने पर जोर दिया गया। क्वात्रा ने ‘इंडिया हाउस’ में इन वरिष्ठ अधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में यह बातचीत बेहद महत्वपूर्ण रही।
बैठक के दौरान उद्योग, उच्च प्रौद्योगिकी और आपूर्ति शृंखला (सप्लाई चेन) को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया। क्वात्रा ने कहा कि भारत और अमेरिका मिलकर एक सुरक्षित, विश्वसनीय और टिकाऊ आपूर्ति शृंखला विकसित करने के लिए प्रयासरत हैं, जिससे वैश्विक बाजार में स्थिरता बनी रहे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन बैठकों से यह स्पष्ट होता है कि भारत और अमेरिका के बीच संबंध केवल कूटनीतिक स्तर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि रक्षा, व्यापार, तकनीक और वैश्विक सुरक्षा जैसे कई अहम क्षेत्रों में तेजी से विस्तार कर रहे हैं। आने वाले समय में यह साझेदारी और अधिक मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है, जो दोनों देशों के साथ-साथ वैश्विक परिदृश्य पर भी सकारात्मक प्रभाव डालेगी।





