लखनऊ, 28 फरवरी 2026। आकाशवाणी लखनऊ ने भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय के सहयोग से शनिवार को कैसरबाग स्थित कलामंडपम् में राष्ट्रभक्ति पर आधारित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम “उत्सव वंदेमातरम्” का आयोजन किया। शाम 5 बजे से 8 बजे तक चले इस कार्यक्रम में देशभक्ति, संस्कृति और स्वतंत्रता चेतना का अनूठा संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पुलिस महानिदेशक (रेडियो वायरलेस) आशुतोष पांडेय एवं अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। आकाशवाणी लखनऊ की कार्यक्रम प्रमुख सुमोना पांडेय ने स्वागत भाषण में कहा कि राष्ट्रीय गीत वंदेमातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में यह आयोजन राष्ट्र के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक प्रयास है। उन्होंने कार्यक्रम में सहयोग के लिए भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. मांडवी सिंह का आभार व्यक्त किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत भातखण्डे विश्वविद्यालय के छात्र कलाकारों द्वारा छह छंदों सहित ‘वंदेमातरम्’ के प्रभावशाली समूहगान से हुई। ‘स्वातंत्र्य स्वरांजलि’ में आकाशवाणी के कलाकारों ने हिन्दी, अवधी और भोजपुरी में देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए, जिन्होंने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। ‘लोकराग’ कार्यक्रम में अवधी और भोजपुरी लोकगीतों ने लोकसंस्कृति की सजीव झलक प्रस्तुत की।
विशेष आकर्षण के रूप में आल्हा सम्राट रामरथ पाण्डेय और उनके साथियों ने ओजपूर्ण आल्हा गायन प्रस्तुत कर वीररस का वातावरण बनाया। कविगोष्ठी ‘मातृ स्वर-धारा’ में डॉ. शिव ओम अम्बर, शिव किशोर तिवारी ‘खंजन’, हिना रिज़वी हैदर और डॉ. सुमन दुबे ने राष्ट्र चेतना से ओतप्रोत कविताएँ प्रस्तुत कीं।
कार्यक्रम के अंतर्गत ‘स्वाधीनता के स्वर’ में भारतेंदु नाट्य अकादमी के कलाकारों ने ‘आनंदमठ’ पर आधारित प्रभावशाली नाट्य मंचन प्रस्तुत किया। ‘इतिहास के पन्नों से’ शीर्षक के अंतर्गत क्विज एवं भाषण प्रतियोगिता भी आयोजित की गई।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. उमाशंकर सिंह रहे तथा संचालन राजेश्वरी और नंदिनी ने किया। अंत में उप निदेशक राजीव रंजन पांडेय ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कलाकार, विद्यार्थी और नागरिक उपस्थित रहे।





