back to top

फूलों की वर्षा व इत्र के छिड़काव से होगा भगवान जगन्नाथ का स्वागत

जगन्नाथ रथ यात्रा में कथक एवं धोबिया नृत्य की होगी प्रस्तुति
रथ यात्रा में नो प्लास्टिक यूस पर करेगे जागरूक

लखनऊ। आषाढ़ शुक्ल पक्ष द्वितीया 7 जुलाई को भगवान जगन्नाथ को नगर भ्रमण पर भक्तो से मिलने के लिए निकलेंगे और भक्तो ने भी दिल खोलकर सुनेरी झड़ूकर फूलो की वर्षा के साथ इत्र के छिड़काव कर जगन्नाथ रथ का स्वागत करेगे।
भगवान जगन्नाथ महाआरती के समय उज्जैन की तर्ज पर डमरू बजाकर उद्घोष किया जाएगा फिर भगवान जगन्नाथ, माई सुभद्रा, भाई बलदेव को 56 प्रकार के भोग लगाकर रथ पर विराजमान करके रथ की रस्सी खींचकर श्रीयात्रा शुभारंभ किया जाएगा । इस बार रथ के आगे उमा साहू ग्रुप वाला रथ के आगे कथक की प्रस्तुति की जाएगी। धोबिया नृत्य रथ यात्रा में प्रस्तुत करेगे। गायक दीपक सिंह के मधुर गीतों पर भक्त नाचते गाते रथ यात्रा में दिखाई देगे। रथ पर विराजे राधा कृष्ण, हनुमान सबको आकर्षित करेगे, नासिक ढोल रथ यात्रा में सबके आगे बजाते हुए उसके पीछे वानर सेवा के जय श्री राम के जयकारे लगा हुए दिखाई देगे। वही प्रसाद में जामुन, मीठे चावल, बूंदी प्रसाद भोग सभी भक्तों को वितरित किया जाएगा। उपाध्यक्ष गोविंद साहू ने बताया कि रथ यात्रा में सम्मिलित कार्यकर्ता नो प्लास्टिक यूस पर करेगे जागरूकता करते हुए दिखाई देगे। यात्रा में 15फीट हनुमान रथ यात्रा की फटाका लहराएगा। उपाध्यक्ष भारत भूषण गुप्ता व ओमकार जयसवाल बताया कि इस बार लाइव प्रसारण फेजबुक पेज पर किया जाएगा। वही राकेश साहू ने बताया कि मोबाइल के शौकीन फोटोग्राफर ने जगन्नाथ रथ यात्रा महोत्सव की यादगार झलकियां अपने मोबाइल में कैद करेगे। इस अवसर पर अनुराग साहू,दिनेश अग्रवाल, ओमकार जायसवाल, श्याम जी साहू, भारत भूषण गुप्ता, माया आनंद, मनोज साहू, राकेश साहू, गोविंद साहू, माया आनन्द उपस्थित रहे।

RELATED ARTICLES

रंगमंच के लिए घर का सामान बेचा : प्रभात बोस

लखनऊ। समय के साथ रंगमंच को पेश करने का तरीका भी बदला है। नई नकनीक, नया तरीका, आज के कलाकारों में अभिनय के प्रति...

‘वाइफोफोबिया’ ने हंसाने के साथ दिया सामाजिक संदेश

'चबूतरा थियेटर फेस्टिवल' के दूसरे दिन नाटक 'वाइफोफोबिया' का मंचनलखनऊ। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से मदर सेवा संस्थान द्वारा आयोजित 'चबूतरा थियेटर...

पंजाबी भाषा की उत्पत्ति आठवीं से नौवीं शताब्दी के मध्य हुई : नरेन्द्र सिंह मोंगा

गोरखनाथ और बाबा फरीद ने इसको प्रारंभिक साहित्यिक स्वरूप दिया उत्तर प्रदेश पंजाबी अकादमी की ओर से आयोजित की गई पंजाबी भाषा की उत्पत्ति विषयक...

रंगमंच के लिए घर का सामान बेचा : प्रभात बोस

लखनऊ। समय के साथ रंगमंच को पेश करने का तरीका भी बदला है। नई नकनीक, नया तरीका, आज के कलाकारों में अभिनय के प्रति...

‘वाइफोफोबिया’ ने हंसाने के साथ दिया सामाजिक संदेश

'चबूतरा थियेटर फेस्टिवल' के दूसरे दिन नाटक 'वाइफोफोबिया' का मंचनलखनऊ। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से मदर सेवा संस्थान द्वारा आयोजित 'चबूतरा थियेटर...

पंजाबी भाषा की उत्पत्ति आठवीं से नौवीं शताब्दी के मध्य हुई : नरेन्द्र सिंह मोंगा

गोरखनाथ और बाबा फरीद ने इसको प्रारंभिक साहित्यिक स्वरूप दिया उत्तर प्रदेश पंजाबी अकादमी की ओर से आयोजित की गई पंजाबी भाषा की उत्पत्ति विषयक...

बंगाल की जीवंत लोकचित्र परंपरा का लखनऊ में प्रदर्शन

कोकोरो आर्ट गैलरी में कालीघाट पटचित्र पर प्रदर्शनीलखनऊ। भारतीय लोक एवं पारंपरिक कला की समृद्ध विरासत को जनसामान्य तथा नई पीढ़ी तक पहुँचाने के...

मंच पर कलाकारों ने बिखेरे लोक कला के रंग

भारतीय लोक कला, सांस्कृतिक उत्सव एवं कार्यशालालखनऊ। आर्ट्स एण्ड कल्चरल सोसायटी, लखनऊ द्वारा मोहन सिंह बिष्ट सभागार कुर्मांचल नगर लखनऊ में आयोजित तीन दिवसीय...

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बीच घरेलू शेयर बाजारों में उछाल

मुंबई । वैश्विक बाजारों में आई तेजी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बीच सेंसेक्स और निफ्टी में शुक्रवार को शुरुआती कारोबार...