राजाबाजार के गीता भवन में गोवर्धन पूजा प्रसंग सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु
लखनऊ। लखनऊ हरिश्चंद्र वंशीय समाज महिला समिति ‘सुहासिनी’ के तत्वावधान में राजाबाजार स्थित ‘गीता भवन’ में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के पांचवें दिन मंगलवार को श्रीकृष्ण बाल-लीला और गोवर्धन पूजा का प्रसंग सुनाया गया। कथा के भक्तिमय प्रसंगों को सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो गए और पूरा पांडाल ‘जय श्री कृष्णा’ के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा।
कथा व्यास आचार्य उमेश कुमार मिश्रा ने प्रवचन देते हुए कहा कि, “गोवर्धन पूजा केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने और अहंकार के त्याग का संदेश है। जब इंद्र को अपनी शक्तियों पर अभिमान हो गया, तब भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी कनिष्ठ उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर भक्तों की रक्षा की और यह सिद्ध किया कि भगवान सदैव अपने शरणागत भक्तों का हाथ थामे रहते हैं। उन्होंने आगे कहा कि मनुष्य को अपने कर्मों में शुचिता रखनी चाहिए और हर परिस्थिति में ईश्वर पर विश्वास बनाए रखना चाहिए। कथा के दौरान भगवान की बाल-लीलाओं का वर्णन करते हुए आचार्य जी ने बताया कि कन्हैया ने माखन चोरी के माध्यम से भक्तों के हृदय को चुराने की कला सिखाई है। कथा के बीच जब आचार्य जी ने मधुर भजनों की प्रस्तुति दी, तो श्रद्धालु अपनी सीटों से उठकर नृत्य करने लगे। विशेष रूप से इन भजनों ने समां बांध दिया:
गोवर्धन गिरधारी, सुध लेना हमारी…छोटी-छोटी गैया, छोटे-छोटे ग्वाल, छोटो सो मेरो मदन गोपाल…इस अवसर पर’सुहासिनी’ की अध्यक्ष श्रीमती रागिनी रस्तोगी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्रीमती सीमा रस्तोगी, मंत्री श्रीमती शालिनी रस्तोगी, कोषाध्यक्ष श्रीमती ऋचा रस्तोगी, संगठन मंत्री श्रीमती क्षमा रस्तोगी समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। संस्था की अध्यक्ष श्रीमती रागिनी रस्तोगी ने बताया कि बुधवार को रुक्मिणी विवाह का भव्य प्रसंग सुनाया जाएगा, जिसमें भगवान के विवाह की झांकी आकर्षण का केंद्र होगी। कथा 9 अप्रैल तक दोपहर 3:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक चलेगी।





