आजमगढ़। आजमगढ़ जिले की एक अदालत ने वर्ष 2020 के चुनाव की रंजिश को लेकर पिता-पुत्र की हत्या किए जाने के मामले में सात आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनायी है। जिला शासकीय अधिवक्ता प्रियदर्शी पियूष त्रिपाठी ने बताया कि यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायाधीश जय प्रकाश पांडेय ने बुधवार को सुनाया।
त्रिपाठी ने बताया कि 13 अगस्त 2020 को देवगांव थाना क्षेत्र के अकबेलपुर नाउपुर गांव की रहने वाली संतरा देवी 13 अगस्त 2020 को अपने पति और बेटों के साथ दवा लेने लालगंज बाजार गई थी। उन्होंने बताया कि एक मोटरसाइकिल पर संतरा देवी व उसका बेटा विनोद यादव तथा दूसरी मोटरसाइकिल पर पति हीरालाल तथा बेटा तेज कुमार यादव थे।
त्रिपाठी ने बताया कि रास्ते में घोड़सहना गांव में सुरेन्द्र तथा प्रदीप नामक व्यक्तियों ने उनका रास्ता रोका और प्रधान के चुनाव की बातचीत के लिए हीरालाल और तेज कुमार यादव को अपने घर ले गये जबकि संतरा देवी और उसका बेटा विनोद बाहर ही खड़े रहे, तभी वहां पर लाल बहादुर, अजय, उमेश यादव, रणजीत और उसकी मां कमली आ गए।
त्रिपाठी ने बताया कि बातचीत के दौरान ही प्रदीप तथा सुरेंद्र ने हीरालाल को गोली मार दी और यह देख कर उसके बेटे तेज कुमार ने भागने की कोशिश की तो कमली देवी, उमेश व अजय ने उसे घेर लिया और लाल बहादुर तथा रणजीत ने उसे गोली मार दी। उन्होंने बताया कि इस घटना में पिता पुत्र दोनों की ही मौके पर मृत्यु हो गई।
त्रिपाठी ने बताया कि इस मामले में आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके आरोप पत्र दाखिल किया गया लेकिन मुकदमे की अदालती प्रक्रिया के दौरान एक अन्य आरोपी फेंकू यादव की मृत्यु हो गई।
त्रिपाठी ने बताया कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश जय प्रकाश पांडेय ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद बुधवार की शाम को आरोपी प्रदीप, सुरेन्द्र, लाल बहादुर, उमेश यादव, अजय यादव, रणजीत तथा कमली देवी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास तथा प्रत्येक को एक लाख एक हजार पांच सौ रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।





