पर्वतीय शैली में होली गायन हाँ हाँ मोहन गिरधारी
लखनऊ। पर्वतीय महापरिषद उप्र, लखनऊ के तत्वावधान में पर्वतीय महापरिषद भवन, गोमती नगर, लखनऊ में पर्वतीय शैली की होली गायन का आयोजन किया गया। पर्वतीय महापरिषद की स्थापना के रजत जयंती वर्ष में होली का विशेष आयोजन किया गया जिसमें गोमती नगर एवं शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आए कलाकारों एवं गणमान्य जनों ने होली गायन कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पारम्परिक होली- सिद्धि के दाता विघ्न विनाशन, होली खेलें गिरिजापति नन्दन, शिव के मन माही बसे काशी, हाँ हाँ मोहन गिरधारी जैसी लोक प्रसिद्ध होली गीतों की प्रस्तुति की गई।
इस अवसर पर पर्वतीय महापरिषद के अध्यक्ष गणेश चन्द्र जोशी ने सभी को होली की शुभकामनाऐं प्रदान करते हुए सभी के लिए सुख-शान्ति की कामना की तथा महासचिव महेन्द्र सिंह रावत ने होली को प्रेम एवं सौहार्द का पर्व बताते हुए होली गायन की इस विशिष्ट शैली को युवा पीढ़ी को हस्तान्तरित करने का आह्वान किया तथा मुख्य संयोजक टी एस मनराल ने उपस्थित जन समुदाय को शुभकामनाएें प्रदान की।
आज पर्वतीय समाज द्वारा उत्तराखण्ड की पारम्परिक बैठक होली के साथ ही खड़ी होली गायन भी किया गया जिसमें शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आए 43 होली गायन दलों द्वारा मनमोहक पस्तुतियां की गयीं जिसमें लोहाघाट चम्फावत की होली हरीश सिंह बोरा जी के नेतृत्व में साथ कुमाऊँ, गढ़वाल, जौनसार, रं समाज, जौहार, मुनस्यार आदि क्षेत्रों के होली गीतों की शानदार प्रस्तुतीकरण किया गया।
इस अवसर पर उत्तरायणी कौथिग(मेला)-2026 में झोड़ा नृत्य में भाग लेने वाली 45 झोड़ा टीमों के 900 महिला कलाकारों को पर्वतीय महापरिषद के द्वारा लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल के कर कमलों से उपहार स्वरूप साड़ी का वितरण भी किया गया।
इस अवसर पर संरक्षक प्रो. आरसी पन्त, नवीन जोशी, पीसी पन्त, हरीश काण्डपाल, महेन्द्र पन्त, सुमन रावत, प्रेम सिंह फर्स्वाण, गोविन्द सिंह बोरा, रमेश चन्द्र उपाध्याय, शंकर पाण्डेय, ख्याली सिंह कड़ाकोटी, आनन्द सिंह कपकोटी, पुष्कर सिंह नयाल, कमल सिंह नेगी, गोविन्द पाठक, आनन्द सिंह भण्डारी, एन के उपाध्याय, गीरीश चन्द कोठारी, त्रिभुवन बोरा, गोपाल सिंह गैलाकोटी, बलवंत वाँणगी, किशन सिह, भुवन पाण्डेय, डा0 बी एस नेगी, मयंक खर्कवाल, शुभम जोशी, मंजू शर्मा पडेलिया, चित्रा काण्डपाल, बीना रावत, दमयंती नेगी, नंदा रावत, भारती काण्डपाल, नवीन चन्द्र जोशी, लक्ष्मण सिंह भण्डारी, मेहता, कैलाश बिनवाल, दिलीप सिंह, तारा काण्डपाल, दिनेश पाण्डेय, सहित अनेक लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर पर्वतीय महापरिषद के केन्द्रीय कार्यकारिणी, सलाहकार, संरक्षक, महिला प्रकोष्ठ, युवा प्रकोष्ठ, सैनिक प्रकोष्ठ, धार्मिक प्रकोष्ठ, सांस्कृतिक प्रकोष्ठ, क्षेत्रीय ईकाईयों, रामलीला समितियों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्तागण उपस्थित थे।





