फरीदाबाद। फरीदाबाद में 25 वर्षीय युवती के साथ हुए गैंगरेप मामले में पुलिस जांच के दौरान एक अहम और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार यह जघन्य अपराध किसी वैन में नहीं, बल्कि एक निजी अस्पताल की एंबुलेंस में अंजाम दिया गया।
वरिष्ठ जांच अधिकारी ने रविवार को बताया कि दोनों आरोपी उसी निजी अस्पताल की एंबुलेंस में चालक और सहायक के रूप में कार्यरत थे। आरोपियों में एक उत्तर प्रदेश के मथुरा और दूसरा झांसी का निवासी है। दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। घटना के छह दिन बाद भी पीड़िता अस्पताल में भर्ती है और उसका इलाज जारी है।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता सोमवार शाम सेक्टर 23 स्थित अपनी मित्र के घर गई थी। वहां से लौटते समय वह ऑटो-रिक्शा से एनआईटी 2 चौक पहुंची और वहां से मेट्रो चौक तक पैदल आई। आधी रात के आसपास जब वह घर जाने के लिए ऑटो का इंतजार कर रही थी, तभी दोनों आरोपियों ने उसे लिफ्ट देने की पेशकश की।
आरोप है कि आरोपी उसे उसके घर छोड़ने के बजाय गुरुग्राम की ओर ले गए और चलती एंबुलेंस में उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद पूरी रात उसे अलग-अलग इलाकों में घुमाया गया और मंगलवार तड़के करीब तीन बजे उसे राजा चौक के पास सड़क पर फेंक दिया गया।
इस बीच पीड़िता का एक कथित वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह बताती है कि लिफ्ट देने के तुरंत बाद एक आरोपी ने उसके खाते में 600 रुपये ट्रांसफर किए और फिर उसका मोबाइल फोन छीन लिया। वीडियो में पीड़िता कहती है कि उस समय घना कोहरा था और मदद के लिए चीखने के बावजूद कोई सहायता नहीं मिली। हालांकि, पीटीआई ने इस वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं की है।
पुलिस ने बताया कि पीड़िता की हालत में सुधार होने के बाद मजिस्ट्रेट के समक्ष आरोपियों की पहचान परेड कराई जाएगी। इसके बाद आगे की पूछताछ के लिए जेल से प्रोडक्शन वारंट लिया जाएगा।





