वरिष्ठ संवाददाता लखनऊ। शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी डेंगू व बुखार का कहर बढ़ता जा रहा है। माल, मलिहाबाद, बीकेटी, व मोहनलालगंज सहित कई इलाकों में बुखार से पीड़ित रोगियों की संख्या में बढ़ोत्तरी जारी है। यहां मरीजों की बढ़ती तादाद के चलते प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में इलाज की व्यवस्था चरमरा गयी है। मजबूरीवश लोग निजी अस्तपालों में इलाज कराने को विवश है।
मोहनलाल गंज के सिसेंडी गांवों के लोग सबसे ज्यादा वायरल ग्रसित है। पूरे गांव में लगभग 200 से 300 लोग वायरल फीवर के चपेट में है, स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी स्वास्थ्य विभाग की तरफ से गांव में कोई भी पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। सफाई की भी कोई व्यवस्था गांव में नहीं है हर तरफ गंदगी का अंबार है। जिस वजह से वायरल फीवर का वायरस लगातार पूरे गांव में बढ़ रहा है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा. मनोज अग्रवाल का कहना है कि सिसेंडी गांव में वायरल बुखार की सूचना मिलने पर अस्पताल से एक डॉक्टर की टीम भेजी गई थी सभी की जांचकर दवाएं दी जा रही हैं। गांव के पास के ही पीएससी के अस्पताल में एक डॉक्टरों की टीम लगाई गयी है। वहीं माल व बक्शी का तालाब (बीकेटी) में भी डेंगू व बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। एक दर्जन से अधिक लोग बुखार की चपेट में हैं।
निजी पैथोलॉजी से जांच में आधा दर्जन मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। वहीं सीएचसी अधीक्षक ने डेंगू न फैलने की बात कहते हुए नार्मल बुखार के मरीज मिलने की बात कही है। सीएमओ का कहना है कि मोहनलालगंज सीएचसी अधीक्षक के नेतृत्व में डॉक्टर व स्वास्थकर्मियों की टीम ने गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार के सदस्यों की ब्लड जांच कर दवा बांटी।
वहीं मलिहाबाद में सीएचसी की ओपीडी में भी इस समय तेज बुखार के साथ जुकाम समेत शरीर दर्द के मरीजों की संख्या बढ़ी है। जिसके बाद भी क्षेत्र के गांवो में निगरानी के कोई प्रबंध नहीं किये गये। ग्रामीणों का कहना है कि बुखार के मरीज बढ़ने के बाद भी साफ-सफाई की व्यवस्था चौपट है और गलियां कूड़े से पटी पड़ी हैं।
लक्षणों की न करें अनदेखी
डाक्टरों का कहना है कि इस मौसम में कई तरह से वायरस फैल रहे हैं। ऐसे में लापरवाही बरतना ठीक नहीं हैं। बलरामपुर अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. अतुल मेहरोत्रा का कहना है कि मौसम में बदलाव के साथ ही डेंगू व बुखार का प्रकोप बढ़ने लगा है। मौसमी बीमारियों और डेंगू के बीच अंतर कर पाना काफी मुश्किल होता है। डेंगू और वायरल फीवर के कई लक्षण बिल्कुल एक जैसे ही होते हैं। जैसे- सर्दी होना, खांसी की दिक्कत, सिरदर्द से परेशानी, शरीर में दर्द होना, और बुखार आना। इन लक्षणों की वजह से ही अक्सर लोग डेंगू और वायरल फीवर को पहचान नहीं पाते हैं। हालांकि, डेंगू होने के मामले में, इसके कुछ लक्षण मरीज के शरीर पर बिल्कुल साफ तौर पर दिखते हैं। इन दोनों के बीच कुछ लक्षण शुरूआती हैं, इसलिए समय रहते ही इनका इलाज करा लेना चाहिए। जैसे डेंगू होने पर शरीर पर खून के थक्के जैसे चकत्ते बन जाते हैं।






