back to top

सुर ताल और नृत्य से सजी अवध की शाम

संगीत भवन का 38वां वार्षिकोत्सव
लखनऊ। संगीत भवन एकेडमी का 38वां वार्षिकोत्सव रविवार को उर्दू अकादमी प्रेक्षागृह में संगीताचार्य पण्डित कमल डेविड की पावन स्मृतियों को समर्पित रहा। भारतीय शास्त्रीय संगीत, वादन, गायन और कथक नृत्य की मनोहारी प्रस्तुतियों ने उपस्थित संगीतप्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का शुभारम्भ नौ सितारों के सामूहिक वाद्यवृंद से हुआ। राग मिश्र काफी, राग मिश्र पीलू तथा ताल दीपचंदी पर आधारित इस आकर्षक प्रस्तुति में मिहिका गांगली, प्रवीन गौण, भव्या गुप्ता, भव्या जैन, चंदा मैढ़, विजयश्री सिंह, अव्युक्ता, अथर्व श्रीवास्तव एवं अंतरा भट्टाचार्य ने सहभागिता की। इसके उपरांत दुर्गा चालीसा रागमाला, संगीत भवन गीत, राग विहाग एवं राग ललित पर आधारित हनुमानाष्टक तथा तबला वादन समूह द्वारा तीनताल में पारंपरिक पेशकार, कायदे और चक्करदार टुकड़ों की प्रभावशाली प्रस्तुति दी गई। समारोह का समापन पारंपरिक कथक नृत्य से हुआ, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। कार्यक्रम में सौम्या गोयल, रवि लेले, मिहिका, अविका, अथर्व, आद्रिका, आश्वी, अव्युक्ता, गुनाश्री, कर्निका, आस्था, प्रवीन, सुनीता, माधुरी, सुमन, दीपिका, प्राची, आवांश सिंह कार्की, आस्था पाण्डे, मेघाश्विनी माथुर, आशुतोष वर्मा, सार्थक मिश्रा, अचित अग्रवाल, प्राकेत गुप्ता, महक, परी, भूमि एवं अंजलि सहित अनेक विद्यार्थियों ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुतियों से दर्शकों की भरपूर प्रशंसा अर्जित की। कार्यक्रम का संचालन आशुतोष वर्मा एवं अंतरा भट्टाचार्य ने किया।
समारोह में पद्मा गिडवानी, तुहिन बनर्जी, रुद्रेन्द्र भसक, पुलिस महानिदेशक टेलीकाम आशुतोष पाण्डेय, रश्मि पाण्डेय, योगाचार्य डॉ. अवधेश शर्मा, आईएफएस आर. रवीन्द्र, मिलन देवनाथ, बीजू भगवती, ताल विशेषज्ञ शेख मोहम्मद इब्राहिम तथा डॉ. एस.के. गोपाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। संगीत भवन की संरक्षक गायत्री डेविड, निवेदिता भट्टाचार्य, डॉ. सुधा द्विवेदी, जीतेश श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में संगीतप्रेमियों एवं अभिभावकों ने समारोह में सहभागिता की।

RELATED ARTICLES

सनातन मूल्यों को साहित्य में संंजोने की आवश्यकता : प्रो. दीक्षित

'सारस्वत सम्मान समारोह' में आठ साहित्यकारों को किया गया सम्मानितलखनऊ। साहित्य के क्षेत्र में नवाचारी दृष्टिकोण के साथ दो दशक से भी अधिक समय...

लोक कला का दमकता सूरज आज अस्त हो गया : मालिनी अवस्थी

पंडवानी गायिका डॉ. तीजन बाई के निधन से कला जगत में शोक की लहरलखनऊ। छत्तीसगढ़ की माटी की सुरीली और बेबाक आवाज, जिसने दुनिया...

स्वपरिचय सम्मेलन में 70 जोड़ों को कराया गया कुंडली मिलान

-हरिश्चन्द्र वंशीय समाज की महिला विंग सुहासिनी की ओर से पत्रिका का विमोचनलखनऊ। रस्तोगी स्वास्थ परामर्श केन्द्र पर सुहासिनी समिति की ओर से रविवार...

भगवान भोलेनाथ का प्रिय महीना सावन 30 से, पड़ेंगे चार सोमवार

लखनऊ। भगवान शिव के उपासकों के लिए सावन का महीना आस्था, भक्ति और साधना का विशेष समय माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार,...

सनातन मूल्यों को साहित्य में संंजोने की आवश्यकता : प्रो. दीक्षित

'सारस्वत सम्मान समारोह' में आठ साहित्यकारों को किया गया सम्मानितलखनऊ। साहित्य के क्षेत्र में नवाचारी दृष्टिकोण के साथ दो दशक से भी अधिक समय...

लोक कला का दमकता सूरज आज अस्त हो गया : मालिनी अवस्थी

पंडवानी गायिका डॉ. तीजन बाई के निधन से कला जगत में शोक की लहरलखनऊ। छत्तीसगढ़ की माटी की सुरीली और बेबाक आवाज, जिसने दुनिया...

ना जाने कौन से गुण पर, दयानिधि रीझ जाते है : विनोदानंद शास्त्री जी महाराज

श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजनलखनऊ। श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन 4 से 12 जुलाई तक गोमती नगर वास्तु खंड तीन...

स्वपरिचय सम्मेलन में 70 जोड़ों को कराया गया कुंडली मिलान

-हरिश्चन्द्र वंशीय समाज की महिला विंग सुहासिनी की ओर से पत्रिका का विमोचनलखनऊ। रस्तोगी स्वास्थ परामर्श केन्द्र पर सुहासिनी समिति की ओर से रविवार...

बच्चो को जीवन में पवित्रता का महत्व सिखाया

दिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा 'संस्कारशाला' का आयोजनलखनऊ। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा 5 जुलाई को बच्चो के सम्पूर्ण विकास हेतु संस्कारशाला कार्यक्रम का...