लखनऊ। लखनऊ की लाइफलाइन बन चुके शहीद पथ के ऊपर एक और उसी तरह की चार लेन सड़क बनाने की तैयारी है। यह सड़क विशेष रूप से अमौसी एयरपोर्ट से कमता तक बनाई जाएगी। असल में राजधानी लखनऊ में बढ़ते यातायात दबाव और लगातार लगने वाले जाम की समस्या के समाधान के लिए लखनऊ से सांसद एवं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर शहीद पथ के ऊपर एलीवेटेड कॉरिडोर के निर्माण का अनुरोध किया है।
अपने पत्र में राजनाथ सिंह ने उल्लेख किया है कि वर्ष 1999-2000 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के संसदीय क्षेत्र लखनऊ में चार राष्ट्रीय राजमार्गों—लखनऊ-कानपुर, कानपुर-रायबरेली, लखनऊ-सुलतानपुर और लखनऊ-अयोध्या—को जोड़ने वाले मार्ग के रूप में शहीद पथ को विकसित किया गया था। वर्ष 1981 के मास्टर प्लान के अनुसार 24 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के लिए चार लेन का कॉरिडोर निर्धारित किया गया था। उन्होंने बताया कि शहीद पथ के निर्माण के बाद इसके दोनों ओर बड़े पैमाने पर आवासीय और व्यावसायिक विकास हुआ, जिससे नए लखनऊ शहर का विस्तार हुआ। वर्तमान में शहर की आबादी लगभग 45 लाख और पंजीकृत वाहनों की संख्या 29 लाख तक पहुंच चुकी है, जबकि वर्ष 2001 में यह संख्या क्रमश: 22 लाख और 5 लाख थी।
राजनाथ सिंह ने कहा कि जनसंख्या और वाहनों की संख्या में भारी वृद्धि के कारण शहीद पथ पर यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है। इस वजह से अक्सर भीषण जाम और सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति बनी रहती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में शहीद पथ शहर की प्रमुख उत्तर-दक्षिण यातायात धुरी और राजधानी की लाइफलाइन बन चुका है, इसलिए इसके ऊपर एलीवेटेड कॉरिडोर का निर्माण समय की आवश्यकता है। पत्र में विशेष रूप से हाईकोर्ट के समीप कमता चौराहे पर क्लोवर लीफ इंटरचेंज विकसित करने का सुझाव भी दिया गया है, ताकि इस क्षेत्र में होने वाले भारी ट्रैफिक जाम से राहत मिल सके।
राजनाथ सिंह ने केंद्रीय मंत्री से अनुरोध किया है कि शहीद पथ के चौड़ीकरण के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध नहीं है, इसलिए इसके ऊपर एलीवेटेड कॉरिडोर निर्माण की व्यवहार्यता (फिजिबिलिटी) का परीक्षण कराकर परियोजना को स्वीकृति दी जाए। इससे राजधानी में यातायात व्यवस्था अधिक सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित हो सकेगी। अधिकारियों के मुताबिक, प्रस्तावित एलिवेटेड रोड की लंबाई करीब 23 किलोमीटर होगी। इसे शहीद पथ के ऊपर अथवा उसके समानांतर विकसित किया जा सकता है। परियोजना के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने प्रारंभिक स्तर पर अध्ययन और प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की जिम्मेदारी लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) को सौंपी जा सकती है। डीपीआर तैयार होने के बाद परियोजना की लागत, डिजाइन और निर्माण की रूपरेखा तय की जाएगी। एलिवेटेड रोड बनने से शहीद पथ पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और शहर के पूर्वी तथा दक्षिणी हिस्सों के बीच आवागमन अधिक सुगम हो सकेगा। इससे भविष्य में बढ़ने वाले यातायात भार को भी संभालने में मदद मिलेगी। रक्षा मंत्री के पत्र लिखने के बाद इस सिलसिले में सांसद प्रतिनिधि दिवाकर त्रिपाठी ने गुरुवार को एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार से मिलकर प्रस्ताव तैयार करने का अनुरोध किया है।





