तरनतारन। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) (ईडी) की विशेष टीम ने सोमवार को पंजाब के में सोना कारोबारी बिक्रमजीत सिंह उर्फ बंटी के तीन अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ दबिश देकर व्यापक जांच अभियान चलाया। सुबह करीब दस बजे शुरू हुई इस कार्रवाई ने पूरे शहर में हड़कंप मचा दिया और दिनभर बाजारों व स्थानीय इलाकों में इसकी चर्चा बनी रही।
जानकारी के अनुसार ईडी की दो टीमें एक साथ गुरु बाजार स्थित आभूषण दुकान और मोहल्ला गुरु का खूह चौक स्थित पुश्तैनी घर पहुंचीं। जब टीम दुकान पर पहुंची, उस समय कारोबारी के पिता कुलवंत सिंह वहां मौजूद थे। अधिकारियों ने करीब डेढ़ घंटे तक दुकान में मौजूद दस्तावेजों, लेनदेन के रिकॉर्ड और व्यापार से जुड़े कागजातों की बारीकी से जांच की। टीम ने नकदी लेनदेन, बिलिंग सिस्टम और स्टॉक रजिस्टर से संबंधित विवरण भी खंगाले।
दूसरी ओर, ईडी की एक अलग टीम ने गुरु का खूह चौक स्थित पुश्तैनी घर में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान घर में मौजूद परिवार की महिलाओं को घरेलू कार्य जारी रखने की अनुमति दी गई, जबकि अधिकारी अपने काम में जुटे रहे। पूरी कार्रवाई को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया, यहां तक कि स्थानीय पुलिस को भी पहले से इसकी जानकारी नहीं दी गई थी।
इसके बाद ईडी की टीम ने दीप एवेन्यू कॉलोनी में गुरुद्वारा लकीर साहिब के पास स्थित कारोबारी की कोठी में भी छापेमारी की। करीब 12 सदस्यों की टीम ने यहां भी दस्तावेजों, संपत्ति से जुड़े कागजातों और डिजिटल रिकॉर्ड की गहन जांच की। अधिकारियों ने परिवार के सदस्यों के बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल के लिए चार अलग-अलग बैंकों के अधिकारियों को मौके पर बुलाया। बैंक प्रतिनिधियों से खातों में हुए ट्रांजैक्शन का पूरा विवरण लिया गया, जिससे संभावित अनियमितताओं की जांच की जा सके।
सूत्रों के मुताबिक, इस कार्रवाई के पीछे कारोबारी के एक करीबी रिश्तेदार का संबंध दिल्ली के बड़े निर्माण कारोबार से जुड़ा होना भी एक अहम कारण माना जा रहा है। जांच एजेंसियां इस कड़ी को ध्यान में रखते हुए कारोबारी के वित्तीय नेटवर्क, निवेश और अन्य कारोबारी संबंधों की गहराई से जांच कर रही हैं। यह भी जानकारी सामने आई है कि करीब चार महीने पहले भी ईडी की टीम ने इसी कोठी पर छापा मारा था, लेकिन उस समय भी कारोबारी घर पर मौजूद नहीं मिला था।
फिलहाल ईडी की ओर से इस छापेमारी को लेकर आधिकारिक तौर पर ज्यादा जानकारी साझा नहीं की गई है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि जांच एजेंसियां कारोबारी के वित्तीय रिकॉर्ड, संदिग्ध लेनदेन और संभावित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पहलुओं की गंभीरता से पड़ताल कर रही हैं।
शहर के व्यापारिक हलकों में इस कार्रवाई के बाद हलचल तेज हो गई है। स्थानीय कारोबारियों और आम लोगों के बीच पूरे दिन इस छापेमारी को लेकर चर्चा होती रही। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में जांच और तेज हो सकती है तथा इस मामले में कुछ और अहम खुलासे सामने आ सकते हैं।





