आर्यावर्त बैंक क्षेत्रीय कार्यालय बाराबंकी द्वारा NDFDC के तहत दिव्यांग सशक्तिकरण अभियान शिविर का आयोजन किया गया। जिसमे जिलाधिकारी श्री सत्येन्द्र कुमार, आर्यावर्त बैंक के अध्यक्ष श्री संतोष एस., क्षेत्रीय प्रबन्धक श्री संजीव कुमार आर्यावर्त बैंक, बाराबंकी उपस्थित रहे।
आर्यावर्त बैंक की बाराबंकी जनपद के अंतर्गत जिले मे 94 शाखाएँ कार्यरत है, जिनके द्वारा निरंतर सुदूर ग्रामीण क्षेत्रो तक लगातार वित्तीय सेवाएँ प्रदान की जा रही है। इसी क्रम मे दिव्यांग सशक्तिकरण हेतु बैंक द्वारा वृहद अभियान आरंभ किया गया है, जिसका उद्देश्य दिव्यांगजनो का आर्थिक सशक्तिकरण करते हुये समाज की मुख्य धारा मे जोड़ना है। इस योजना मे आच्छादित किये जाने वाले दिव्यांगजनो को न्यूनतम ब्याज दर पर बैंक द्वारा रोजगारपरक ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।
इसे और व्यापक एवं प्रभावी बनाने हेतु आज आयोजित ऋण वितरण शिविर मे हमारे जिलाधिकारी महोदय द्वारा 118 लाभार्थियो को स्वीकृत पत्र वितरित किये गये जिसमे जिलाधिकारी महोदय द्वारा उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुये आर्यावर्त बैंक की इस पहल की सराहना की गयी उन्होने यह भी कहा कि , बैंक द्वारा भविष्य मे ऐसे आयोजन किये जाते रहने चाहिए। जिससे समाज मे ऐसे लोगो का सशक्तिकरण कि समग्र प्रक्रिया से मदद किया जा सके।
इस मौके पर, आर्यावर्त बैंक के अध्यक्ष महोदय द्वारा यह बताया गया कि संस्कार द्वारा वित्तपोषित योजनाओ को व्यापक रूप से लागू करना बैंक की प्राथमिकता मे शामिल है, जिससे अधिक से अधिक लाभार्थियों तक इस तरह के लाभ को पहुचाया जा सके। ऐसे शिविर का आयोजन आने वाले समय मे भी आयोजित किया जाता रहेगा।
उक्त अवसर पर, क्षेत्रीय प्रबन्धक आर्यावर्त बैंक श्री संजीव कुमार द्वारा जानकारी दी गयी कि, बाराबंकी परिक्षेत्र मे, इस वित्तीय वर्ष मे अब तक कुल 118 ऋण NDFDC योजना के अंतर्गत स्वीकृत किये जा चुके है। उन्होने यह भी बताया कि, इसमे अब तक रह गये लाभार्थियों तक भी शाखा द्वारा पहुँच बनाने की निरंतर कोशिश की जा रही है। ऐसे आयोजन से बैंक के स्टाफ सदस्यों को भी भविष्य मे बेहतर करने की प्रेरणा मिलती है।
इस कार्यक्रम मे, NDFDC दिल्ली से आये हुए प्रतिनिधि श्री राकेश अग्रवाल, DDM नाबार्ड श्री रवि यादव जी, जिला अग्रणी प्रबन्धक श्री विवेक कुमार तथा समस्त शाखाओ के शाखा प्रबन्धक, क्षेत्रीय कार्यालय के स्टाफ सदस्य, एवं बड़ी संख्या मे प्रतिभागियों की उपस्थिती रही।





