लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को नियमित संवाद व सम्पर्क के माध्यम से प्रशासनिक व्यवस्था को मज़बूत बनाने पर बल देते हुए कहा कि लाॅकडाउन को सफल बनाए रखने के लिए मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक अभी जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों व पुलिस अधीक्षकों से नियमित संवाद कायम रहें। ग्रामीण तथा शहरी इलाकों में सेनिटाइजेशन कार्य को लगातार जारी रखने के निर्देश भी दिए।
टीम-11 के साथ बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र के सहयोग से प्रदेश सरकार अलग-अलग राज्यों से श्रमिकों की सुरक्षित व सम्मानजनक प्रदेश वापसी सुनिश्चित कर रही है। प्रदेश आने वाले सभी श्रमिकों की स्क्रीनिंग करते हुए इन्हें क्वारंटीन सेन्टर या होम क्वारंटीन के लिए घर भेजा जाए। क्वारंटीन सेन्टर और शेल्टर होम में स्वच्छता और सुरक्षा की मुकम्मल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
योगी ने कहा कि श्रमिकों सहित सभी जरूरतमंदों को कम्युनिटी किचन के द्वारा शुद्ध एवं भरपेट भोजन की व्यवस्था की जाए। क्वारंटीन सेन्टर में श्रमिकों की स्किल मैपिंग करते हुए उनका मोबाइल नम्बर एवं बैंक खाता संख्या सहित पूरा विवरण संकलित किया जाए, जिससे इन्हें रोजगार देने में सुविधा होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि होम क्वारंटीन के लिए घर जाने वाले श्रमिकों को खाद्यान्न किट उपलब्ध कराई जाए और होम क्वारंटीन के दौरान इन्हें एक हजार रुपए का भरण-पोषण भत्ता अवश्य उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि किसी श्रमिक का बैंक खाता किन्हीं वजहों से निष्क्रिय हो गया हो तो प्रशासन संबंधित बैंक शाखा से संपर्क करते हुए ऐसे बैंक खातों को बिना किसी देरी के सक्रिय कराएं, ताकि ऐसे श्रमिकों को भरण-पोषण भत्ते की धनराशि मिल सके।
योगी ने कहा कि होम क्वारंटीन व्यवस्था की सफलता के लिए निगरानी समितियों को सक्रिय रखा जाए और उनके द्वारा किए जा रहे सर्विलांस कार्य का फीडबैक मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से लिया जाए। उन्होंने निगरानी समितियों को सक्षम बनाने पर ज़ोर देते हुए कहा कि यह समितियां घरेलू और राजस्व संबंधी विवादों को हल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। इस मौके पर योगी को बताया कराया गया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन द्वारा 44 हजार ग्राम प्रधानों से संवाद किया गया।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 01 जून से शुरू हो रहे राशन वितरण अभियान के अगले चरण की सभी तैयारियां समय से पूरी कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों से वापस लौटे श्रमिकों को नियमित अनाज उपलब्ध कराने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य करते हुए इनके राशन कार्ड बनाए जाएं। हर हाल में यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी जरूरतमंद परिवारों को अनिवार्य रूप से अनाज उपलब्ध हो।





