नई दिल्ली। काउंसिल फॉर इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) बोर्ड ने शुक्रवार को 10वीं और 12वीं कक्षाओं के परिणाम घोषित कर दिए। इसके साथ ही उसने इस साल असाधारण परिस्थितियों को देखते हुए मेरिट सूची प्रकाशित नहीं करने का फैसला किया। इस बार 10वीं कक्षा की परीक्षा में 99.34 प्रतिशत विद्यार्थी सफल रहे जो पिछले साल की तुलना में 0.8 प्रतिशत अधिक है।
वहीं 12वीं कक्षा की परीक्षा में 96.84 प्रतिशत उम्मीदवार सफल रहे। इसमें पिछले साल की अपेक्षा मामूली वृद्घि दर्ज की गई है। बोर्ड ने कोविड-19 मामलों में वृद्धि के कारण अपनी लंबित परीक्षाओं को रद्द कर दिया था और परिणाम की गणना एक वैकल्पिक मूल्यांकन योजना के आधार पर की गई है। सीआईएससीई के मुख्य कार्यकारी और सचिव गेरी अराथून ने कहा कि असाधारण परिस्थितियों को देखते हुए इस साल 2020 की परीक्षाओं के लिए मेरिट सूची प्रकाशित नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा, ‘यह साल कोविड-19 महामारी और राष्ट्रीय और राज्यों के कइ लॉकडाउन के कारण सबके लिए विशेष रूप से कठिन रहा है…। बोर्ड ने पिछले सप्ताह कोरोना वायरस मामलों में वृद्धि के मद्देनजर लंबित परीक्षाओं को रद्द किए जाने के बाद दोनों कक्षाओं के लिए एक वैकल्पिक मूल्यांकन योजना की घोषणा की थी।
घोषित नतीजों के अनुसार, कक्षा 10 की परीक्षा में कुल 2,06,525 उम्मीदवार सफल रहे है वहीं 1,377 उम्मीदवार असफल रहे हैं। इस परीक्षा को भारतीय माध्यमिक शिक्षा प्रमाणपत्र (आईसीएसई) भी कहा जाता है। कक्षा 12 की परीक्षा में 85,611 परीक्षार्थी सफल हुए हैं जबकि 2,798 विद्यार्थी असफल रहे हैं।
अराथून ने कहा, इस बिंदु पर, हम अपने उम्मीदवारों की सराहना करना चाहते हैं, जिन्होंने इस संकट की अवधि के दौरान अनुकरणीय धैर्य का प्रदर्शन किया… शेष विषयों की संभावित विलंबित परीक्षा के लंबे इंतजार की पीड़ा का सामना किया। आपके धैर्य और दृढ़ता की प्रशंसा की जानी चाहिए। आईसीएसई परीक्षा 61 लिखित विषयों में आयोजित की जाती है जिनमें 22 भारतीय भाषाएं हैं, नौ विदेशी भाषाएं और दो शास्त्रीय भाषाएं हैं। परीक्षा में कुल 2,341 स्कूलों के उम्मीदवार शामिल हुए।
आईएससी परीक्षा (12वीं) 51 लिखित विषयों में आयोजित की जाती है, जिनमें से 15 भारतीय भाषाएं हैं, छह विदेशी भाषाएं हैं और एक शास्त्रीय भाषा है। परीक्षा में कुल 1,125 स्कूलों के छात्र शामिल हए। कोरोना वायरस के कारण पहले स्थगित कर दी गई परीक्षाएं एक से 14 जुलाई के बीच होने वाली थीं। लेकिन बाद में कोविड-19 मामलों में वृद्घि को देखते हुए परीक्षाएं रद्द कर दी गईं। जो छात्र अपनी परीक्षा का पुनर्मूल्यांकन चाहते हैं, वे 16 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं।





