लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर सोमवार को उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की और उन्हें महान स्वतंत्रता सेनानी, शिक्षाविद् तथा भारत की एकता और अखंडता के प्रबल समर्थक के रूप में याद किया।
आदित्यनाथ ने यहां आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि देश की एकता की रक्षा करने और जम्मू-कश्मीर को मिले विशेष दर्जे का विरोध करने में डॉ. मुखर्जी के योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा,भारत माता के महान सपूत, महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और एक देश में दो विधान, दो प्रधान, दो निशान नहीं चलेंगे का उद्घोष करने वाले डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की आज 125वीं पावन जयंती है।
इस अवसर पर उनकी स्मृतियों को नमन करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार और प्रदेश की जनता की ओर से मैं उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। मुख्यमंत्री ने दावा किया, जब बंगाल को पाकिस्तान का हिस्सा बनाने की कोशिशें की जा रही थीं, तब डॉ. मुखर्जी उसके विरोध में मजबूती से खड़े हुए। आज यदि पश्चिम बंगाल भारत का हिस्सा है, तो इसके लिए आवाज उठाने वाले प्रमुख नेताओं में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का नाम प्रमुखता से लिया जा सकता है।
उन्होंने कहा,देश के खाद्य एवं उद्योग मंत्री के रूप में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने खाद्य और औद्योगिक नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू किया। लेकिन जब तत्कालीन नेहरू सरकार की तुष्टीकरण की नीति देश की अखंडता के लिए चुनौती बनने लगी, तब उन्होंने सत्ता का मोह त्यागकर सरकार से अलग होने का फैसला किया। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार से अलग होने के बाद भारतीय जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष के रूप में डॉ. मुखर्जी ने देश की अखंडता के लिए एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे का नारा दिया और जम्मू-कश्मीर की विशेष दर्जे की व्यवस्था का विरोध किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 और तत्कालीन नेहरू सरकार की तुष्टीकरण की नीति के खिलाफ जो अभियान शुरू किया था, उसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी सरकार ने 2019 में अनुच्छेद 370 को समाप्त कर साकार किया। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर में भी बाबा साहब भीमराव आंबेडकर का संविधान पूरी तरह लागू हुआ।
उन्होंने कहा, यह हम सबके लिए सौभाज्ञ की बात है कि जिस बंगाल को पाकिस्तान के खूनी पंजे से बचाने में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, वही बंगाल आज उन्हें अपना आदर्श मानने वाली भारतीय जनता पार्टी के शासन का हिस्सा बना हुआ है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में डॉ. मुखर्जी से जुड़े स्थानों का विकास वहां की डबल इंजन सरकार द्वारा किया जा रहा है।





