नयी दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पाकिस्तान से जुड़ी एक बड़ी आतंकी साजिश के चलते हुए शुक्रवार को उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और महाराष्ट्र में एक साथ 12 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। जांच अधिकारियों के मुताबिक, पाकिस्तानी ऑपरेटिव जसवीर चौधरी और उसके भारतीय गुर्गों ने सीमा पार से ड्रोन के जरिए भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और आईईडी मंगवाए थे। इस खतरनाक खेप का इस्तेमाल पंजाब, दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में सिलसिलेवार धमाके कर बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान पहुंचाने के लिए किया जाना था, जिसे एनआईए ने समय रहते विफल कर दिया। इस बड़े तलाशी अभियान के तहत अकेले उत्तर प्रदेश में पांच जगहों पर छापेमारी की गई, जबकि महाराष्ट्र में तीन और बिहार व राजस्थान में दो-दो ठिकानों पर एक्शन लिया गया।
इसी सिलसिले में एनआईए ने एक और बड़ी कामयाबी का ब्योरा साझा करते हुए बताया कि हरियाणा के सिरसा में पिछले साल 25 नवंबर 2025 को महिला पुलिस थाने पर हुए ग्रेनेड हमले के मामले में नौ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। इस चार्जशीट में पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर से आतंकी बने मुख्य साजिशकर्ता शहजाद भट्टी और सोहेल अहमद उर्फ सोहेल बलूच समेत कई भारतीय एजेंटों के नाम शामिल हैं। इन सभी पर यूएपीए, भारतीय न्याय संहिता और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। जांच में सामने आया है कि इन आरोपियों को सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए कट्टरपंथी बनाकर भर्ती किया गया था, जिसका भारत में मुख्य समन्वय धीरज नाम का एजेंट कर रहा था। दहशत फैलाने के मकसद से किए गए इस हमले की बाकायदा मोबाइल पर रिकॉर्डिंग भी की गई थी। एनआईए फिलहाल इस पूरे नेटवर्क के फरार सदस्यों की सरगर्मी से तलाश कर रही है।





