‘सारस्वत सम्मान समारोह’ में आठ साहित्यकारों को किया गया सम्मानित
लखनऊ। साहित्य के क्षेत्र में नवाचारी दृष्टिकोण के साथ दो दशक से भी अधिक समय से सक्रिय ‘सर्वजन हिताय साहित्यिक समिति’ के स्थानीय उ. प्र. हिन्दी संस्थान के निराला सभागार में आयोजित ‘सारस्वत सम्मान समारोह’ में प्रदेश के आठ साहित्यकारों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया। समारोह की अध्यक्षता प्रो. सूर्य प्रसाद दीक्षित ने की। मुख्य समागत थे प्रो. हरिशंकर मिश्र व विशिष्ट समागत थे डॉ. शिवओम अम्बर। संस्था के संस्थापक-संयोजक राजेन्द्र शुक्ल ‘राज’ ने समारोह का संचालन किया। समारोह में विगत वर्ष के लिए विशिष्ट समागत डॉ. अम्बिका प्रसाद गुप्त स्मृति सम्मान से सम्मानित करते हुए 5 हजार रुपये की राशि, अंगवस्त्र, स्मृति चिह्न व प्रशस्ति पत्र भेंट किये गये। इस वर्ष के लिए प्रतापगढ़ के डॉ. दयाराम मौर्य ‘रत्न’ व रायबरेली के अंजनी कुमार सिंह को ‘डॉ. अम्बिका प्रसाद गुप्त स्मृति सम्मान’ से अलंकृत किया गया। डॉ. बृजेन्द्र निगम के माता-पिता की स्मृति में कानपुर की डॉ. मधु प्रधान को ‘श्रीमती विद्यावती निगम स्मृति सम्मान’ व लखनऊ के सुप्रसिद्ध साहित्यकार महेन्द्र भीष्म को ‘श्री कृष्ण सहाय निगम स्मृति सम्मान’ से अलंकृत किया गया। इस सम्मान की राशि भी 5 हजार रुपये है। लखनऊ के युवा रचनाकार धीरज मिश्र ‘शाण्डिल्य’ को 2 हजार व नगर के ही वरिष्ठ रचनाकार सुनील कुमार वाजपेयी को 2500 रुपये की राशि के साथ क्रमश: ‘ज्ञानराम’ साहित्य भविष्यत् मंगलकामना अलंकरण व ‘रामप्रसाद द्विवेदी स्मृति सम्मान’ से सम्मानित किया गया। सभी रचनाकारों को सम्मान राशि के साथ-साथ अंगवस्त्र, स्मृति चिह्न व प्रशस्ति-पत्र प्रदान किये गये। सम्मानोपरान्त सभी रचनाकारों ने अपनी रचनाओं का संक्षिप्त पाठ भी प्रस्तुत किया।
समारोह को सम्बोधित करते हुए अध्यक्षता कर रहे प्रो. सूर्य प्रसाद दीक्षित ने साहित्य और मानव जीवन के अन्तर्सम्बन्धों पर गहन विवेचन प्रस्तुत किया। मुख्य समागत प्रो. हरिशंकर मिश्र ने कहा कि साहित्य समाज को दिशा दिखाने व बदलने का प्रभावशाली माध्यम है। विशिष्ट समागत और ‘डॉ. अम्बिका प्रसाद गुप्त स्मृति सम्मान’ से अलंकृत डॉ. शिवओम अम्बर ने इस बात पर विशेष बल दिया कि वर्तमान में मानवीय मूल्यों के पतन को देखते हुए साहित्यकारों को समाजोपयोगी विषयों पर रचते रहना होगा।
समारोह में संस्था के अध्यक्ष अशोक कुमार पाण्डेय ‘अशोक’, वरिष्ठ उपाध्यक्षद्वय रमाशंकर सिंह व रामेश्वर प्रसाद द्विवेदी ‘प्रलयंकर’, उपाध्यक्ष राकेश वाजपेयी, सचिव अनन्त प्रकाश तिवारी, सह सचिव गौरीशंकर वैश्य ‘विनम्र’, संयुक्त सचिव शिवराम तिवारी, प्रचार सचिव नवीन बैसवारी, डॉ. सत्यदेव प्रसाद द्विवेदी ‘पथिक’, डॉ. दिनेश चन्द्र अवस्थी, डॉ. बृजेन्द्र निगम, श्रीकृष्ण द्विवेदी ‘द्विजेश’, घनानन्द पाण्डेय ‘मेघ’ राजकिशोर त्रिवेदी ‘किशोर’, जितेन्द्र मिश्र ‘भास्वर’, शशिनारायण त्रिपाठी, डॉ. अवधी हरि, देवेश मिश्र ‘गुणाकर’, श्रीमती प्रतिभा गुप्ता, मुकेश कुमार मिश्र सहित अनेक गणमान्य साहित्यकार उपस्थित रहे।





