मुंशी प्रेमचंद की अमर कहानी ‘बड़े भाई साहब’ का मंचन
लखनऊ। सांस्कृतिक और सामाजिक संस्था ‘बैक स्टेज’ द्वारा केसरबाग स्थित बलराम साहनी प्रेक्षागृह में महान कथाकार मुंशी प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी ‘बड़े भाई साहब’ पर आधारित नाटक का सफल मंचन संपन्न हुआ। अंशुमान दीक्षित के कुशल निर्देशन में प्रस्तुत इस नाटक ने दर्शकों को हंसाने के साथ-साथ जीवन के गहरे अर्थों पर सोचने के लिए भी मजबूर कर दिया।
कहानी दो भाइयों के संबंधों, अनुशासन, पढ़ाई के तनाव और पारिवारिक आत्मीयता के इर्द-गिर्द घूमती है। मंच पर बड़े भाई के किरदार में सुनील दीक्षित ने अपनी गंभीर और अनुशासित अभिनय शैली से सबका ध्यान खींचा, वहीं छोटे भाई के रूप में रूपल अग्रवाल (जो सहायक निर्देशक भी हैं) की चंचलता और मासूमियत ने प्रेक्षागृह में जमकर ठहाके लगवाए। दोनों की जुगलबंदी और सहज संवादों ने नाटक को अत्यंत जीवंत बना दिया। नाटक का संदेश बेहद प्रभावी रहा कि असली शिक्षा केवल किताबों या अंकों तक सीमित नहीं होती, बल्कि जीवन का सच्चा ज्ञान अनुभव, अनुशासन और विनम्रता से आता है।
इस मंचन को भव्य बनाने में पूरी नेपथ्य (बैकस्टेज) टीम का योगदान सराहनीय रहा। प्रस्तुति नियंत्रण मो० हैदर का था, जबकि विक्रम सिंह के मधुर संगीत और संजय त्रिपाठी व इंद्रजीत की लाइट व्यवस्था ने दृश्यों को प्रभावशाली बनाया। दिनेश अवस्थी के मेकअप, अम्बरीश दीक्षित के वस्त्र विन्यास और अनवर बेग की फोटो/वीडियोग्राफी में भूमिका निभाई। ने पात्रों को जीवंत रूप दिया। प्रचार-प्रसार और व्यवस्था की कमान संदीप राजभर व अमर राजभर ने संभाली। संस्था के सचिव व थिएटर/फिल्म विशेषज्ञ दबीर सिद्दीकी का विशेष सहयोग भी सराहनीय रहा। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित दर्शकों ने खड़े होकर पूरी टीम की सराहना की और तालियों की गड़गड़ाहट से सभागार गूंज उठा।





