back to top

नवरात्र : लखनऊ के 7 देवी मंदिरों में दर्शन करने से पूरी होती है मनोकामना

7 मंदिरों में दर्शन जरूर करना चाहिए
लखनऊ। चैत्र नवरात्रि की तैयारियां शुरू हो चुकी है। चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से चैत्र नवरात्रि की शुरूआत होती है। हिंदू पंचांग के अनुसार 19 मार्च को चैत्र नवरात्रि की शुरूआत होगी, इस साल माता रानी डोली पर सवार होकर आ भक्तों के बीच आएंगी। हिंदू धर्म में नवरात्रि के पर्व का विशेष महत्व है। नवरात्रि के इन 9 दिनों में मां दुर्गा के 9 अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि के 9 दिनों तक भक्त व्रत रखते हैं और विधि-विधान से माता रानी की पूजा करते हैं। ऐसे में अगर आप लखनऊ में हैं तो इन 7 मंदिरों में दर्शन जरूर करना चाहिए।

चंद्रिका देवी मंदिर :
बक्शी का तालाब स्थित चंद्रिका देवी मंदिर एक शक्तिपीठ और सिद्धपीठ मंदिर है। चंद्रिका देवी को लखनऊ की कुलदेवी भी कहा जाता है इसीलिए लखनऊ के लोगों को इनके दर्शन करना अनिवार्य माना जाता है। यहां के पुजारी राम आसरे वाजपेई बताते हैं कि पहले यहां पर नीम का खोखला पेड़ था उसी खोखले पेड़ से यहां पर देवी मां प्रकट हुई हैं। यह मंदिर चौक चौराहे के बेहद करीब स्थित है। यहां पर लक्ष्मी नारायण की प्रतिमा स्थित है लेकिन उन्हें काली के रूप में पूजा जाता है। यह मंदिर औरंगजेब के वक्त का है। नवरात्रि में यहां पर मेला लगता है जो कि लखनऊ का सबसे बड़ा मेला होता है। नवरात्रि में यहां दर्शन करने के लिए न सिर्फ लखनऊ बल्कि उत्तर प्रदेश के अलग जिलों से भी भक्त आते हैं।

संकटा देवी मंदिर :
रानी कटरा में ही संकटा माई मंदिर हैं। चौपटियां के रानी कटरा में स्थित संकटा देवी मां का यह मंदिर लखनऊ में सबसे अनूठा है। यह कश्मीर में विराजमान माता खीर भवानी की प्रतिमा का स्वरूप है, जो कई कश्मीरियों की कुलदेवी भी हैं। कहा जाता है कि नवरात्रि में इनके दर्शन करने थे संकट दूर हो जाते हैं।

बंदी मां का मंदिर :
बंदी मां का मंदिर कटरा में स्थित है। इन्हें कटरा की रानी भी कहा जाता है। यह मंदिर 200 साल से भी ज्यादा पुराना है। नवरात्रि में इनके दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं और साड़ी समेत श्रृंगार का सामान अर्पित करते हैं।

संदोहन मां मंदिर:
यह मंदिर भी छोटी काशी चौपटिया चौराहे के करीब स्थित है। इस मंदिर को 500 साल पुराना शक्तिपीठ और सिद्धपीठ भी माना जाता है। यहां पर शादी के बाद नए जोड़े अक्सर पूजा पाठ करते हुए नजर आ जाते हैं। यहां पर मुंडन भी होता है। नवरात्रि में इस मंदिर का भी खास महत्व है यह मंदिर टिकैतगंज कदीम के सिरे पर मेहंदी गंज नामक मोहल्ले में स्थित है।

शीतला माता मंदिर :
शीतला मां के मंदिर को रामायण काल का बताया जाता है। इस मंदिर की स्थापना जानकी नंदन लव द्वारा की गई थी। नवरात्रि में इस मंदिर में दर्शन करने वालों की सबसे ज्यादा भीड़ रहती है। इन दिनों यहां मेला भी चल रहा है।

भुईयन देवी मंदिर :
यह मंदिर गणेशगंज में स्थित है। इसके बारे में ऐसा कहा जाता है कि इस मंदिर पर जब जब पर्दा लगाया गया तब-तब पर्दे में या तो आग लग गई या पर्दा अपने आप ही गिर गया, जिसके बाद से इस मंदिर में माता के सामने कभी भी पर्दा नहीं लगा गया। इस मंदिर में देवी का मुख पूर्व दिशा की ओर है। इस मंदिर की खासियत यह भी है कि भुईयन देवी मां के ठीक दाहिने हाथ पर बगल में संकटा माई भी मौजूद हैं। नवरात्रि में इनकी पूजा और कीर्तन के लिए प्रदेश भर से भक्त आते हैं।

श्री ज्वाला देवी मंदिर :
नवरात्रि में ज्वाला देवी के दर्शन करना चाहते हैं तो आपको हिमाचल प्रदेश जाने की जरूरत बिल्कुल भी नहीं है क्योंकि ज्वाला देवी के दर्शन आपको उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के आशियाना आलमबाग स्थित मां श्री ज्वाला देवी मंदिर में हो जाएंगे। यहां 2004 से एक अखंड ज्योत जल रही है। जो ज्वाला देवी से लाई गई थी।

RELATED ARTICLES

अकीदत से अदा की गयी अलविदा की नमाज, मांगी अमन-चैन की दुआ

लखनऊ। माह-ए-रमजान के अंतिम शुक्रवार को शहर की इबादतगाहों पर अकीदत के साथ अलविदा की नमाज अदा की गई। नमाजियों ने मुल्क की तरक्की...

नवरात्र से तीन राशियों पर बनी रहेगी मां दुर्गा की कृपा

नौ दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती हैलखनऊ। चैत्र नवरात्र हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक मानी...

पुस्तकें मित्र, मार्गदर्शक और गुरु : योगेंद्र उपाध्याय

रवीन्द्रालय चारबाग में लखनऊ पुस्तक मेला प्रारंभ 22 मार्च तक होंगे भव्य साहित्यिक, सांस्कृतिक आयोजन लखनऊ। पुस्तकें मित्र, मार्गदर्शक और गुरु सरीखी हैं। इस पुस्तक मेले...

अकीदत से अदा की गयी अलविदा की नमाज, मांगी अमन-चैन की दुआ

लखनऊ। माह-ए-रमजान के अंतिम शुक्रवार को शहर की इबादतगाहों पर अकीदत के साथ अलविदा की नमाज अदा की गई। नमाजियों ने मुल्क की तरक्की...

नवरात्र से तीन राशियों पर बनी रहेगी मां दुर्गा की कृपा

नौ दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती हैलखनऊ। चैत्र नवरात्र हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक मानी...

पुस्तकें मित्र, मार्गदर्शक और गुरु : योगेंद्र उपाध्याय

रवीन्द्रालय चारबाग में लखनऊ पुस्तक मेला प्रारंभ 22 मार्च तक होंगे भव्य साहित्यिक, सांस्कृतिक आयोजन लखनऊ। पुस्तकें मित्र, मार्गदर्शक और गुरु सरीखी हैं। इस पुस्तक मेले...

ऋषि का सद्साहित्य नैतिक शिक्षा प्रदान करता है : उमानन्द शर्मा

459वें युगऋषि वाङ्मय की स्थापना सम्पन्नलखनऊ। गायत्री ज्ञान मंदिर इंदिरा नगर, लखनऊ के विचार क्रान्ति ज्ञान यज्ञ अभियान के अन्तर्गत आर्यकुल कॉलेज आॅफ मैनेजमेंट,...

जैन दर्शन के सिद्धांत आज भी मानवता के लिए प्रासंगिक

जैन दर्शन और साहित्य विषयक दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न लखनऊ। उत्तर प्रदेश जैन विद्या शोध संस्थान, लखनऊ तथा बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू)...

रचनात्मक माहौल बच्चों की प्रतिभा को देता है नई दिशा : जय कृष्ण अग्रवाल

प्रेरित करना किसी भी संस्थान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैलखनऊ। एस्थेटिक एंड कल्चरल डिवेलपमेंट प्रोग्राम 2025-26 के अंतर्गत फ्लोरोसेंस आर्ट गैलरी के सहयोग से...