back to top

आखिर कब सुधरेगी पुलिस

उन्नाव, हाथरस जैसे जघन्य कांड को अभी ज्यादा दिन नहीं हुए लेकिन एक बार फिर उत्तर प्रदेश एक महिला के साथ गैंगरेप, नृशंस हत्या और अमानवीयता पर शर्मसार है। एक बार फिर पुलिस न्याय दिलाने के लिए तत्पर दिखने के बजाय इस शर्मनाक मामले को दबाने का प्रयास करती दिखी। बदायूं के उघैती थानाक्षेत्र में एक महिला जो आंगनबाड़ी सहायिका के तौर पर समाज के सबसे निचले स्तर पर सेवा कार्य से जुड़ी है, उसके साथ तीन जनवरी को एक मंदिर में महंत, महंत का चेला और ड्राइवर द्वारा सामूहिक दुष्कर्म व हत्या के साथ ही निर्भया जैसी अमानवीयता को अंजाम दिया जाता है।

जब पीड़ित महिला के परिवार वाले मुकदमा दर्ज कराने के लिए उघैती थाना जाते हैं तो थानाध्यक्ष तुरंत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई करने के बजाय पीड़ितों को टरकाने के फिराक में लग जाता है। पीड़ितों की बात सुनने के बजाय थानाध्यक्ष अपनी कहानी गढ़ता है और कुएं में गिरकर मौत होने की बात कहकर टरका देता है। जब पूरा मामला मीडिया में आता है और ग्रामीण थाने पहुंचकर हंगामा करते हैं, तब जाकर उच्च अधिकारी संज्ञान लेते हैं और कार्रवाई आगे बढ़ती है। इस तरह तीन जनवरी की रात की घटना पर पुलिस दो दिनों तक कुंडली मारे बैठी रही ताकि जैसे-तैसे मामला दब जाये। बदायूं जैसी निर्मम घटना न तो कोई अकेली है और न आगे पूरी तरह बंद हो जायेगी।

जब तक समाज में शैतान रहेंगे तब तक पूरे समाज को शर्मसार करने वाली ऐसी घटनाएं भी होती रहेंगी। लेकिन यहां सवाल पुलिस के चरित्र का है जो पीड़ितों के साथ खड़ी होने के बजाय आरोपियों के बचाव में लग जाती है? क्या यह जरूरी है कि हर घटना का संज्ञान मुख्यमंत्री के स्तर पर लिया जाये तभी न्याय मिले? यही विधि के समक्ष समानता है और ऐसे ही प्रदेश की कानून और व्यवस्था दुरुस्त होगी? अगर शासन के स्तर पर संज्ञान लेने के बाद पुलिस कार्रवाई करती है तो इसका मतलब यह है कि तमाम ऐसी घटनाएं होती होंगी जहां पीड़ितों को न्याय नहीं मिलता होगा।

मुख्यमंत्री ने मामला प्रकाश में आने के बाद सख्त रुख अख्तियार करते हुए हर हाल में दोषियों को सजा दिलाने का आदेश दिया है। सीएम ने पीड़ितों को आर्थिक मदद के साथ पुनर्वास एवं सरकारी योजनाओं के जरिए मदद देने का भी भरोसा दिया जो कि उचित भी है। उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद कार्रवाई भी तेज हुई है और अब तक तीन आरोपियों में से दो को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि मुख्य आरोपी जो घटना वाली मंदिर का महंत भी है वह अभी भी फरार है, लेकिन शासन के सख्त रवैये को देखते हुए वह बहुत दिनों तक बच नहीं सकेगा।

सभी आरोपी पकड़े भी जायेंगे और उनको दण्ड भी कठोरतम होगा क्योंकि पोस्ट मार्टम में आरोपियों के हैवानियत की पुष्टि हो चुकी है। लेकिन यहां सवाल विधि के शासन का है। आखिर हर मामले में शासन को हस्तक्षेप क्यों करना पड़ता है? क्यों नहीं पुलिस अपनी तरफ से कर्तव्य परायणता और संवेदनशीलता दिखाती है। जब तक पुलिस नहीं सुधरेगी तब तक ऐसी घटनाएं पूरी तरह बंद होने की बात तो दूर कम भी नहीं होंगी। इसलिए पुलिस के चरित्र को भी सुधारना बहुत जरूरी है।

RELATED ARTICLES

‘चोटी विवाद’ पर ब्रजेश पाठक का बड़ा दांव…बटुकों का तिलक लगाकर किया सम्मान, विपक्ष ने मांगा इस्तीफा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों 'चोटी विवाद' ने नया मोड़ ले लिया है, जिसके केंद्र में प्रयागराज का माघ मेला और...

महाशिवरात्रि पर पशुपतिनाथ मंदिर में उमड़ेगा आस्था का सैलाब …आठ लाख श्रद्धालुओं और हजारों सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के साथ भव्य तैयारियां

काठमांडू। नेपाल की राजधानी काठमांडू स्थित विश्व प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर में इस वर्ष महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ने की...

7 साल से न बैठे, न लेटे…माघ मेले में इस युवा साधु ने सबको चौंकाया

प्रयागराज। प्रयागराज में आस्था का केंद्र बने माघ मेले में मंत्रोच्चार और आध्यात्मिक माहौल के बीच साधुओं की विभिन्न भावभंगिमाएं और विचित्र व्यवहार बरबस...

हर तरफ रंगों व पिचकारियों की धूम, जमकर हो रही खरीदारी

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के अमीनाबाद, आलमबाग, भूतनाथ, आईटी चौराहा जिधर भी चले जाओ हर तरफ बाजार में होली की उमंग दिख रही है। कोई...

चंद्र ग्रहण आज, सूतक मान्य, बंद रहेंगे मंदिरों के कपाट

लखनऊ। फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा (तीन मार्च) को साल के पहले चंद्रग्रहण पर सूतककाल में लखनऊ के सभी मंदिर बंद रहेंगे।...

भगवान नरसिंह की भव्य शोभा यात्रा व होली उत्सव कल

शोभा यात्रा एवं होली उत्सव का आयोजनलखनऊ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, लखनऊ द्वारा होली के पावन अवसर पर भगवान नरसिंह रंग भरी भव्य शोभा यात्रा...

मचो फाग घनघोर आज होरी झूम री…

गोमती तट पर सजी 84वीं लोक चौपाल, नाव में गूंजा फागलखनऊ। लोक संस्कृति शोध संस्थान द्वारा सोमवार को कुड़िया घाट पर 84वीं लोक चौपाल...

महाकाव्य ग्रन्थ महाभारत की कहानी है नाटक दूतवाक्यम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थानम एवं सफर फाउण्डेशन की ओर से नाटक दूतवाक्यम का मंचन बौद्ध शोध संस्थान में किया गया। नाटक का निर्देशन...

मैंने आंगन नहीं बुहारा कैसे आएंगे भगवान…

गायत्री यज्ञ, भजन कीर्तन संग हुआ प्रसाद वितरण लखनऊ। शास्त्री मोंटेसरी स्कूल, राजेंद्र नगर, लखनऊ में आज फाल्गुन चतुर्दशी/ पूर्णिमा के अवसर पर गायत्री यज्ञ,...