राज्य सूचना आयोग की सख्ती, भ्रामक सूचना देने व सूचना उपलब्ध न कराने पर दंडात्मक कार्रवाई
लखनऊ। राज्य सूचना आयोग ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम, 2005 के प्रावधानों की अवहेलना करने वाले दो अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करते हुए 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। एक मामले में भ्रामक एवं असत्य सूचना उपलब्ध कराने पर ग्राम विकास अधिकारी को दंडित किया गया, जबकि दूसरे मामले में सूचना उपलब्ध न कराने और आयोग के नोटिसों की अनदेखी करने पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) पर अर्थदंड लगाया गया।
पहले प्रकरण में ग्राम पंचायत खरसुलिया, विकास खंड अलीगंज, जनपद एटा की निवासी गीता देवी की ओर से सरकारी हैंडपंप और खड़ंजा निर्माण से संबंधित सूचना मांगी गई थी। तत्कालीन जनसूचना अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी ध्यानपाल सिंह ने जवाब में बताया कि विवादित स्थल पर कोई सरकारी हैंडपंप या सरकारी रास्ता नहीं है तथा निर्माण निजी भूमि पर किया गया है। हालांकि सुनवाई के दौरान आयोग के समक्ष प्रस्तुत अभिलेखों और राजस्व अधिकारियों की रिपोर्ट से स्पष्ट हुआ कि संबंधित स्थल पर सरकारी हैंडपंप स्थापित था और उसमें सबमर्सिबल पंप लगाकर निजी उपयोग किया जा रहा था। आयोग ने इसे भ्रामक और तथ्यों के विपरीत सूचना मानते हुए ध्यानपाल सिंह पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। वहीं, दूसरे मामले में शिकायतकर्ता मोहम्मद शोएब ने राज्य एवं केंद्र सरकार की ओर से संचालित नर्सरी विद्यालयों से संबंधित सूचनाएं मांगी थीं।
निर्धारित समय सीमा में सूचना उपलब्ध न होने पर उन्होंने राज्य सूचना आयोग में शिकायत दर्ज कराई। आयोग की ओर से कई बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अलीगढ़ राकेश कुमार सिंह न तो सुनवाई में उपस्थित हुए और न ही कोई संतोषजनक जवाब प्रस्तुत किया। जांच में पाया गया कि शिकायतकर्ता को मांगी गई सूचना उपलब्ध ही नहीं कराई गई थी।
इसे सूचना के अधिकार अधिनियम का उल्लंघन मानते हुए आयोग ने बीएसए पर भी 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। राज्य सूचना आयुक्त स्वतंत्र प्रकाश गुप्ता ने दोनों मामलों में स्पष्ट किया कि सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत नागरिकों को समयबद्ध, पारदर्शी और तथ्यपरक सूचना उपलब्ध कराना प्रत्येक जनसूचना अधिकारी का वैधानिक दायित्व है। अधिनियम के प्रावधानों की अनदेखी, भ्रामक सूचना देने या सूचना उपलब्ध न कराने की स्थिति में आयोग कठोर कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।





