मुंबई। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने भारतीय हैंडलूम परंपरा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अपने नए वेंचर ‘टूलो’ की शुरुआत की है। यह ब्रांड यूनेस्को के बुनेकरों और कलाकारों के साथ मिलकर लोगों को स्वदेशी उत्पाद अपनाने के लिए प्रेरित करता है।’टुलो’ नाम बंगाली शब्द से लिया गया है, जिसका अर्थ हैंडलूम कॉटन होता है। इस पहल के माध्यम से पुरानी भारतीय भारतीय परंपरा को आधुनिक कलाकृतियों और कलाकारों के लिए प्रतिष्ठित अवसर तैयार करने की योजना है।खादी और हस्तनिर्मित वस्त्रों के समर्थक लंबे समय से भारतीय हैंडलूम को बढ़ावा दे रहे हैं। वे विभिन्न जन-जागरूकता अभियान और कपड़ा मंत्रालय के साथ जुड़कर भी इस क्षेत्र में सक्रिय हो रहे हैं।
इस वेंचर की अवधारणा पंकज ट्रिपल ने अपने स्टाइलिस्ट विनीत चौहान के साथ मिलकर तैयार की है। दोनों का उद्देश्य सिर्फ उत्पाद बेचना नहीं, बल्कि उनके पीछे की तस्वीरें और कलाकारों के जीवन को भी सामने लाना है।लॉन्च के मकबरे में पंकज त्रिपल ने कहा कि ‘टुलो’ ने उनके लिए एक स्टिलर फर्स्ट है, जो उन कलाकारों को समर्पित है, ईसा मसीह से भारत के वस्त्र परंपरा को जीवित रखा है। उन्होंने बताया कि सारथी में शूटिंग के दौरान उन्हें चंदेरी और बनारस जैसे स्थानों पर बुनेकरों के काम को करीब से देखने का मौका मिला, जिसने उन्हें इस दिशा में कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि हैंडलूम केवल कपड़ा नहीं, बल्कि संस्कृति, परंपरा और मानवीय कौशल का प्रतीक है। हर डिज़ाइन अपने क्षेत्र की पहचान और इतिहास को बताता है, लेकिन इसके बावजूद कई बुनेकर समुदाय आज भी आर्थिक उद्घाटन से सीख रहे हैं।’टुलो’ के माध्यम से उनका लक्ष्य भारतीय हस्तशिल्प का उत्सव मनाना और ऐसा मंच तैयार करना है, जहां कलाकारों को पहचानना और समर्थन मिल सके। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह प्रारंभिक लोगों को हस्तनिर्मित मूर्तियों की वास्तविक कीमत और स्वदेशी वस्त्रों से जुड़ने के लिए प्रेरित करेगा।





