मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड पुष्कर सिंह धामी ने मेला स्थल पहुंचकर किया कौथिग का उद्घाटन
लखनऊ। पर्वतीय महापरिषद के (25 साल पूर्ण) रजत जयंती के शुभअवसर पर 15 दिवसीय उत्तरायणी कौथिग का प्रथम दिवस महानगर रामलीला मैदान से उत्तरायणी कौथिग की शोभा यात्रा के साथ प्रारम्भ हुआ, शोभायात्रा में गढवाली, कुमाऊँनी, जौनसारी व भारतीय भूतपूर्व सैनिकों का दल व उत्तराखण्ड का छोलिया कलाकारों का दल शामिल रहा। इसके अलावा लखनऊ के कल्याणपुर, गोमतीगर, सरोजनीनगर, सीतापुर रोड, तेलीबाग व अन्य क्षेत्रों से आये सांस्कृतिक दल एकत्रित हुए। तत्पश्चात विशाल जनसमूह के साथ दोपहर दो बजे प्रारम्भ हुई भव्य षोभायात्रा उत्तरखण्डी ढोल-बाजे, नगाड़े व गीतों पर थिरकते झूमते रंगबिरंगे परिधान पहने महिला-पुरूषों के समूहों द्वारा पैदल मार्च करते हुए , नन्दा राजजात यात्रा की झांकी सहित पूरे लखनऊ से विभिन्न क्षेत्रो के गणमान्यजन व जनसमुदाय के साथ गोल मार्केट चौराहा होते हुए निशातगंज, बादशाहनगर ,खाटूश्याम मन्दिर होते हुए महानगर की सड़कों पर रंगबिरंगी छटा बिखेरते हुए कौथिग स्थल पं0 गोविन्द बल्लभ पन्त पर्वतीय सांस्कृतिक उपवन तक सायं पांच बजे पहुँची। पर्वतीय महापरिषद के मुख्य संयोजक टी एस मनराल ,संयोजक के एन चन्दोला, अध्यक्ष गणेश चन्द जोशी ,महासचिव महेन्द्र सिंह रावत ,संरक्षक प्रो. आर सी पंत, एन के उपाध्याय, लाबीर सिह बिष्ट, डी डी नरियाल ,उपाध्यक्ष मोहन सिह मोना, सुमन सिह रावत ने यात्रा का नेतृत्व किया।
षोभायात्रा के कौथिग स्थल पहुँचते ही पंडाल के वातावरण में कोलाहल भर उठा। महिलाओं पुरूषों ने खूब जमकर सामुहिक नृत्य किए, उत्तराखण्ड से आए छोलिया दल के करतब भरे नृत्यों का प्रदर्शन देखकर जनमानस हतप्रभ हुआ। शोभा यात्रा में विभिन्न रथों पर अलग-अलग झांकियों का प्रदर्शन किया गया जिसमें मुख्य रूप से उत्तराखण्ड के धार्मिक पर्यटक स्थल, विगत 25 वर्षों में पर्वतीय महापरिषद द्वारा किए गए सामाजिक एवं प्रेरणादायी कार्य, महाकुम्भ प्रयागराज 2025 में पर्वतीय महापरिषद युवा प्रकोष्ठ द्वारा वरिष्ठ नागरिकों की यात्रा सुनिष्चित किए जाने, उत्तराखण्ड आपदा 2013 में पराली थराली तक आपदा राहत सामग्री व चिल्लरकोश योजना के तहत जरूररतमंदों की सहायता से सम्बन्धित झांकियां प्रदर्शित की गयी। मीडिया प्रभारी भुवन पाण्डेय ने बताया कि शोभा यात्रा कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद धार्मिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष पं. नारायण दत्त पाठक व अन्य पुरोहितों द्वारा मंत्रोचारण से यात्रा का स्वागत किया। तत्पश्चात महिलाओं द्वारा शगुन आंखर मंगलगीत गाकर देवी-देवताओं से कौथिग की सफलता हेतु प्रार्थना की।
सांयकालीन सत्र का उद्वघाटन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड पुष्कर सिंह धामी ने दीप प्रज्जवलित कर किया, उनका स्वागत महापौर सुषमा खर्कवाल, मुख्य संयोजक टी एस मनराल, संयोजक के एन चन्दोला, अध्यक्ष गणेष चन्द्र जोषी व महासचिव महेन्द्र सिह रावत ने पुष्पगुच्छ व प्रतीक चिन्ह देकर किया। इस अवसर पर उत्तरायणी कौथिग- 2026 का पर्वत गौरव सम्मान लखनऊ की प्रथम नागरिक महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल को संघर्षषील जीवन में उनके उत्कृष्ठ कार्यों के लिए प्रदान किया गया। इस अवसर पर रक्षामंत्री के प्रतिनिधि के पी सिंह, दीपेन्द्र कोश्यारी लखनऊ भाग संख्या 3 के भाजपा मंडल अध्यक्ष नरेन्द्र देवड़ी उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड पुष्कर सिंह धामी ने अपने वक्तव्य में सभी को उत्तरायणी, मकरसंक्राति और उत्तराखण्ड के पर्व घुघुतिया की शुभकामनाएं देते हुए पर्वतीय महापरिषद द्वारा समाज व सांस्कृतिक हित में किए जा रहे कार्यों की सराहना की अपने उद्घोष में कहा कि उत्तराखण्ड राज्य को बने भी 25 वर्ष हुए हैं, उधर उत्तराखण्ड ने भी अपनी रजत जयंती मनाई इधर पर्वतीय महापरिषद भी उत्तरायणी कौथिग में अपनी रजत जयंती मना रहा है यह भी एक संयोग है, और कहा कि मेला पण्डाल में उत्तराखण्ड के उत्पादों के स्टॉल देखकर प्रसन्नता हो रही है, यहां का माहौल देखकर ऐसा लग रहा है जैसे उत्तराखण्ड के ही किसी कौतिक में आया हूँ। पर्वतीय महापरिषद के अध्यक्ष गणेष जोषी ने मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के उत्तरायणी कौथिग में आगमन हेतु आभार प्रकट किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम
उत्तराखण्ड से आए सुप्रसिद्ध लोकगायक नीरज चुफाल ने हो कलम शुरूरू… व अन्य लोकगीतों की प्रस्तुतियों से मंच सजाया तथा वाहवाही बटोरी। गोमती नगर षाखा द्वारा सांस्कृतिक सचिव पर्वतीय महापरिषद गोविन्द बोरा के नेतृत्व में कलाकार ख्याली सिंह कड़ाकोटी, प्रज्जवल सिंह, दक्ष बिष्ट, मनीष उपाध्याय, जीवन गोस्वामी, दिपिका तिवारी, दिपिका नेगी, सरिता भाकुनी, दिया आर्या, दिप्ती नेगी, दिक्षा फर्तयाल, किरन एवं संजना बिष्ट द्वारा नन्दा राजजात यात्रा की प्रस्तुति दी गयी, जिसमें गायक कलाकार आनन्द कपकोटी, दीपक सिंह परवाल, हारमोनियम में नरेन्द्र सिंह फर्तयाल व हुड़का में मोहन सिंह बिष्ट आदि रहे। संस्था धारचूला पिथौरागढ़ के कलाकारों द्वारा भवान सिंह गर्बयाल व अंजनी बौनाल के नेतृत्व में जौनसार के सुप्रसिद्ध शौका नृत्य की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम स्थल पर कार्यालय कार्यों में मुख्य संयोजक टी एस मनराल, संयोजक के एन चन्दोला, अध्यक्ष गणेष चन्द्र जोषी, महासचिव महेन्द्र सिह रावत उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट मोना, हरीष काण्डपाल (सलाहकार/मीडिया सहप्रभारी), पी सी पन्त, के एन पाठक, शंकर पाण्डेय, रमेष उपाध्याय, के एन पाण्डेय, गोविन्द बोरा, महेन्द्र पंत, ख्याली सिह कड़ाकोटी, सुमन सिह रावत , पुष्कर नयाल, बसन्त भट्ट, देवेन्द्र मिश्रा, जितेन्द्र उपाध्याय, उमेद दयोपा, गोपाल सिंह गैलाकोटी, कृपाल सिंह रावत, एम एस मेहता, सहित पूरी टीम कार्य कर रही है।





