इंदौर (मध्यप्रदेश)। देश के अलग-अलग राज्यों में शेयर कारोबार और निवेश के नाम पर की जाने वाली साइबर ठगी के लिए फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को इंदौर में पुलिस की अपराध निरोधक शाखा ने बुधवार को गिरफ्तार किया। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि परदेशीपुरा थाने में दर्ज साइबर ठगी के एक मामले की जांच में मिले सुरागों के आधार पर गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आकाश विश्वकर्मा (32), प्रवीण पाल (24) और आशीष पुरी (28) के रूप में हुई है। तीनों इंदौर के निवासी हैं। त्रिपाठी ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से 15 मोबाइल फोन, विभिन्न बैंकों की पासबुक, सिम कार्ड, एक स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) और अन्य दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
डीसीपी के मुताबिक तीनों आरोपी साइबर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह से जुड़े थे और उनका काम लोगों के दस्तावेजों के दुरुपयोग से फर्जी बैंक खाते खुलवाना तथा उनसे जुड़े एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक और सिम कार्ड गिरोह तक पहुंचाना था। त्रिपाठी ने कहा कि इन खातों का इस्तेमाल शेयर कारोबार और निवेश के नाम पर देश के अलग-अलग राज्यों के लोगों से की जाने वाली साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को जमा करने, अंतरित करने और वितरित करने में किया जाता था। डीसीपी ने बताया, बैंक खातों के विश्लेषण में करोड़ों रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन का पता चला है।
संबंधित राज्यों की पुलिस के साथ समन्वय करके आगे की वैधानिक कार्वाई की जा रही है। त्रिपाठी ने कहा कि पूछताछ के दौरान साइबर ठगी गिरोह के एक सरगना और उसके सहयोगियों के बारे में भी अहम जानकारी मिली है। उन्होंने बताया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।





