इस ग्रहण में सूर्य तकरीबन पूरा (96 प्रतिशत हिस्सा) ढक जाएगा
लखनऊ। खगोल विज्ञान में दिलचस्पी रखने वाले लोगों को इस साल चार बार आसमान में ग्रहण का खास नजारा देखने को मिलेगा। साल 2026 में कुल चार ग्रहण लगेंगे। इस साल दो दफा सूर्य ग्रहण और दो बार ही चंद्र ग्रहण होगा। ये ग्रहण दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में दिखाई देंगे। भारत में इन चार में से केवल एक ग्रहण दिखाई देगा। आइए जानते हैं कि इस साल कब-कब सूरज और चंद्र ग्रहण होने जा रहा है।
इस साल ग्रहण की शुरूआत 17 फरवरी को होगी। 17 फरवरी को सूर्य ग्रहण होगा, जिसे रिंग आॅफ फायर कहा जाता है। इस ग्रहण में सूर्य तकरीबन पूरा (96 प्रतिशत हिस्सा) ढक जाएगा। दो मिनट से ज्यादा समय तक चलने वाला यह ग्रहण एक अनोखा नजारा आसामान में बनाएगा लेकिन भारत, पाकिस्तान और आस पास के देश इसे नहीं देख सकेंगे। यह ग्रहण दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण अर्जेंटीना और अंटार्कटिका में दिखाई देगा।
दूसरा ग्रहण मार्च में
इस साल साल का दूसरा ग्रहण 3 मार्च को होगा। यह चंद्र ग्रहण होगा यानी यह पहला साल का पहला चंद्र ग्रहण होगा। यह चंद्र ग्रहण करीब एक घंटे तक रहेगा। इस दौरान चंद्रमा लाल रंग का नजर आएगा। आसमान में होने वाली इस घटना को ब्लड मून भी कहा जाता है। इस साल का यह अकेला ग्रहण है, जो भारत में दिखाई देगा।
इस साल का दूसरा सूर्य ग्रहण और कुल तीसरा ग्रहण 29 जुलाई को लगेगा। यह सूर्य ग्रहण भी भारत में दिखाई नहीं देगा। यानी इस साल के दोनों सूर्य ग्रहण भारतीय नहीं देख सकेंगे। यह सूर्य ग्रहण अफ्रीका के ज्यादातर देशों, दक्षिण अमेरिका और अंटार्कटिका के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा।
साल का आखिरी ग्रहण
साल का दूसरा चंद्र ग्रहण 28 अगस्त को होगा। यह साल का चौथा और आखिरी ग्रहण होगा। इस चंद्र ग्रहण को उत्तर और दक्षिण अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में देखा जा सकेगा। भारत से इस चंद्र ग्रहण को नहीं देखा नहीं जा सकेगा। भारत के खगोल प्रेमी सिर्फ 3 मार्च के पूर्ण चंद्र ग्रहण ही देक सकेंगे।





