लखनऊ। फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा (तीन मार्च) को साल के पहले चंद्रग्रहण पर सूतककाल में लखनऊ के सभी मंदिर बंद रहेंगे। चंद्रग्रहण के 09 घंटे पूर्व लगने वाले सूतककाल को देखते हुए मंदिर में दर्शन पूजन नहीं होगा। परंपरा के अनुसार मंदिर का कपाट ग्रहण प्रारंभ होने से नौ घंटे पूर्व बंद हो जाएगा। ग्रहण मोक्ष सायं 6:47 बजे के बाद शास्त्रोक्त विधि से उग्रह (मोक्ष) पूजन सम्पन्न किया जाएगा। पूजन उपरांत शुद्धिकरण एवं आवश्यक धार्मिक विधि-विधान पूर्ण करने के बाद सायं 7:15 बजे के पश्चात मंदिर का कपाट श्रद्धालुओं एवं जनमानस के लिए पुन: खोल दिया जाएगा। मान्यता है कि ग्रहण काल में भगवान की प्रतिमाओं का स्पर्श नहीं किया जाता है इसलिए मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे। इस दौरान भोजन आदि भी नहीं करना चाहिए। पंडित बिंद्रेस दुबे के अनुसार, खासतौर से कर्क राशि और पुष्य, अश्लेषा नक्षत्र में जन्मे लोग ग्रहण न देखे। चंद्रग्रहण का समय जप-तप साधना के लिए श्रेष्ठ रहेगा। चंद्रग्रहण के दौरान नाखून, बाल आदि न काटें। गर्भवतियां घर से बाहर न निकलें। सूतक से पहले भोजन में अगर कुश और पानी में तुलसी डाल दी जाए तो भोजन दूषित होने से बचाया जा सकता है। ग्रहण के बाद भगवान की प्रतिमाओं का विधिविधान से पूजन कर आरती करें। रात्रि में स्नान, पूजन और दान के बाद भोजन करना बेहतर रहेगा।
मनकामेश्वर मठ मंदिर की महंत देव्यागिरि ने बताया कि सुबह सूतक से पहले और रात को ग्रहण के बाद आरती होगी। वहीं, हनुमान सेतु मंदिर के पुजारी भगवान सिंह विष्ट के अनुसार, ग्रहण के चलते सुबह 6:30 बजे आरती के बाद मंदिर के कपाट बंद हो जाएंगे। ग्रहण समाप्ति के बाद रात 9 बजे आरती होगी। चौक स्थित बड़ी काली जी मंदिर के पंडित शक्तिदीन अवस्थी ने बताया कि यहां ग्रहण के बाद रात 9 बजे आरती की जाएगी। सनातन महासभा की ओर से झूलेलाल घाट पर पूर्णिमा पर गोमती की आरती शाम छह बजे होगी। इससे पहले हनुमान बने बालकों की टोली हनुमान सेतु से आयोजन स्थल तक शोभायात्रा के रूप में आएगी।
बताते चले रंगों के त्योहार होली के दिन इस साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। ग्रहण 3 मार्च को पड़ेगा, जो भारत में भी दिखाई देगा और इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य होगा। साल के इस पहले चंद्र ग्रहण की कुल अवधि 3 घंटे 27 मिनट तक रहेगी। चंद्र ग्रहण 3 मार्च को अपरान्ह 3 बजकर 20 मिनट से शुरू होगा और 6 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। सूतक काल ग्रहण लगने से 09 घंटे पहले शुरू हो जाता है और ऐसे में सूतक काल सुबह 06 बजकर 20 मिनट से शुरू होगा।
साल का पहला चंद्र ग्रहण और उसका समय
3 मार्च 2026 को पड़ने वाला यह चंद्र ग्रहण भारत में शाम को सिर्फ 14 से 20 मिनट तक दिखाई देगा। ग्रहण दोपहर 3:20 बजे शुरू होगा, लेकिन उस समय चंद्रमा भारत में उदय नहीं होगा। चंद्रमा शाम करीब 6:26 से 6:32 बजे के बीच उदय होगा और तब से ग्रहण दिखाई देगा। ग्रहण शाम 6:46 से 6:47 बजे तक समाप्त हो जाएगा। इस कारण इसे ‘ग्रस्तोदित चंद्रग्रहण’ कहा जा रहा है, क्योंकि चंद्रमा उदय होते ही ग्रहण की स्थिति में होगा।





