चंडीगढ़। पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर हुए जानलेवा हमले की नेताओं ने कड़ी निंदा की है। नेताओं ने इस घटना पर चिंता जताते हुए जांच की मांग की है।जम्मू कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (जेकेपीसीसी) के अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर बुधवार देर रात हुए जानलेवा हमले की बृहस्पतिवार को कड़ी निंदा करते हुए कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने का जिम्मा जिन लोगों को सौंपा गया है, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।जम्मू के बाहरी इलाके ग्रेटर कैलाश में बुधवार रात को एक विवाह समारोह से निकलते समय अब्दुल्ला उस वक्त बाल-बाल बच गए जब एक बंदूकधारी ने पीछे से उन पर कथित तौर पर गोली चला दी।
घटना के वक्त उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के सलाहकार नासिर असलम वानी भी फारूक अब्दुल्ला के साथ थे। आरोपी की पहचान 63 वर्षीय कमल सिंह जामवाल के रूप में हुई है, जो जम्मू में पुरानी मंडी का निवासी है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसने पुलिस को बताया कि वह पिछले 20 साल से फारूक अब्दुल्ला को निशाना बनाने की ताक में था।
कर्रा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला और अन्य वरिष्ठ नेताओं पर हुई गोलीबारी की भयावह घटना की मैं कड़ी निंदा करता हूं…। हिंसा की ऐसी घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं और क्षेत्र में मौजूदा सुरक्षा परिदृश्य को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा करती हैं।
उन्होंने कहा कि बढ़ते अपराध और अराजकता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, ”कानून व्यवस्था बनाए रखने का जिम्मा जिन लोगों को सौंपा गया है, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। जनता सुरक्षा, स्थिरता और सुरक्षित वातावरण की हकदार है और यह प्रशासन की जिम्मेदारी है कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के नेता एवं सांसद आगा रुहुल्लाह मेहदी और पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के प्रमुख सज्जाद लोन ने जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर हुए हमले की बृहस्पतिवार को निंदा की।
मेहदी ने अपने ‘फेसबुक’ हैंडल पर पोस्ट किया, सांसद रुहुल्लाह मेहदी जम्मू में एक विवाह समारोह के दौरान डॉ. फारूक अब्दुल्ला और उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी पर गोली चलाने की घटना की कड़ी निंदा करते हैं।श्रीनगर से लोकसभा सदस्य मेहदी ने कहा कि हिंसा की ऐसी घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों के साथ कानून के अनुसार सख्ती से निपटा जाना चाहिए।
मेहदी का कई मुद्दों पर नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार से मतभेद रहा है। हंदवाड़ा विधानसभा क्षेत्र से विधायक लोन ने गोलीबारी की घटना की निंदा की। लोन ने अपने ‘फेसबुक’ हैंडल पर लिखा, डॉ. फारूक साहब, सुरिंदर चौधरी और नासिर असलम साहब पर हुई इस कायरतापूर्ण गोलीबारी की मैं कड़ी निंदा करता हूं। अल्लाह का शुक्र है कि वे सुरक्षित हैं।
कश्मीर के मीरवाइज उमर फारूक ने भी अब्दुल्ला पर हुए हमले की निंदा की और कहा कि इस घटना की गहन जांच होनी चाहिए। मीरवाइज ने अपने ‘फेसबुक’ हैंडल पर पोस्ट किया, जम्मू में एक समारोह में डॉ. फारूक अब्दुल्ला साहब पर हुए जानलेवा हमले की खबर चिंताजनक और निंदनीय है।
धार्मिक नेताओं ने इस बात की जांच की मांग की कि हमलावर गोलियों से भरी हुई बंदूक लेकर अब्दुल्ला के इतने करीब कैसे पहुंच गया। मीरवाइज ने कहा, ”यह जानकर राहत मिली कि वह बाल-बाल बच गए लेकिन कोई शख्स गोलियों से भरी बंदूक लेकर उनके इतने करीब पहुंच गया और उसने उन पर गोली चला दी, इसकी गहन जांच होनी चाहिए।
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर हुए हमले को लेकर चिंता जताई और मामले में पूरी जांच की मांग की। गहलोत ने कहा, ”जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर जानलेवा हमले का समाचार सुनकर चिंतित हूं।उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, ”पुलिस की मौजदूगी एवं कड़ी सुरक्षा के बीच हमला होना बेहद गंभीर बात है। इस मामले की पूरी जांच की जानी चाहिए और अब्दुल्ला की सुरक्षा को और अधिक बढ़ाए जाने की आवश्यकता है।”





