किसी भी स्तर पर कोई कमी न रह जाए
लखनऊ। भारतीय शास्त्रीय संगीत, नृत्य एवं सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन में अग्रणी भूमिका निभाने वाले भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय, लखनऊ में आगामी 18 से 20 दिसंबर 2025 तक आयोजित होने वाले शताब्दी वर्ष समारोहों की तैयारियों का आज अमृत अभिजात, प्रमुख सचिव (संस्कृति एवं पर्यटन), उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव ने विश्वविद्यालय परिसर में प्रस्तावित मुख्य समारोह स्थल, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के मंच, अतिथि स्वागत एवं आवास व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंध, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, यातायात, मीडिया समन्वय तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन के साथ निमार्णाधीन ऐतिहासिक परीखाने का भी निरीक्षण किया एवं उसके कार्य प्रगति से अवगत होते हुए आवश्यक दिशा निर्देश भी प्रदान किया। उन्होंने शताब्दी वर्ष समारोह को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर गरिमामय पहचान दिलाने हेतु सभी तैयारियों को उच्च गुणवत्ता एवं समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल विश्वविद्यालय बल्कि उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुल सचिव डॉ. सृष्टि धवन ने प्रमुख सचिव को शताब्दी वर्ष समारोह से संबंधित अब तक की गई तैयारियों, प्रस्तावित कार्यक्रमों की रूपरेखा, विभिन्न समितियों के गठन, विभागीय दायित्वों तथा आगामी कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने निरीक्षण के दौरान आयोजन से जुड़े सभी विभागाध्यक्षों एवं कर्मचारियों के साथ व्यवस्थाओं की समीक्षा की और निर्देशित किया कि शताब्दी वर्ष समारोह से संबंधित समस्त कार्य आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध, सुव्यवस्थित एवं अनुशासित ढंग से पूर्ण किए जाएं, ताकि किसी भी स्तर पर कोई कमी न रह जाए।
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो0 मांडवी सिंह ने कहा कि शताब्दी वर्ष समारोह केवल एक औपचारिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह विश्वविद्यालय की सौ वर्षों की गौरवशाली शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं शोधपरक यात्रा का उत्सव है। यह आयोजन विश्वविद्यालय की भावी शैक्षणिक नीतियों, शोध गतिविधियों एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों को नई दिशा एवं नई ऊर्जा प्रदान करेगा। साथ ही यह समारोह युवा पीढ़ी को भारतीय संगीत, नृत्य एवं सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रमुख सचिव द्वारा किए गए इस स्थलीय निरीक्षण से विश्वविद्यालय प्रशासन, शिक्षकगण एवं कर्मचारियों में विशेष उत्साह एवं सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ है। सभी संबंधित इकाइयाँ शताब्दी वर्ष समारोह को भव्य, गरिमामय, सुव्यवस्थित एवं ऐतिहासिक बनाने के लिए और अधिक प्रतिबद्धता एवं तेजी के साथ कार्य कर रही हैं। यह समारोह भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय की समृद्ध विरासत को नई ऊँचाइयों तक ले जाने वाला एक स्मरणीय अध्याय सिद्ध होगा।





