नयी दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार पर ईंधन एवं उर्वरक की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहने का आरोप लगाया और कटाक्ष करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी की यह बात सुननी चाहिए कि अब विश्वगुरु शब्द का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। भाजपा के वरिष्ठ नेता जोशी ने संस्कृत के व्यापक प्रचार-प्रसार और क्वांटम कंप्यूटिंग में भी इसके उपयोग की वकालत करते हुए बीते सोमवार को कहा था कि भारत अब विश्वगुरु नहीं है और इस शब्द का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए।
खरगे ने एक्स पर पोस्ट किया,मोदी सरकार ने परिसीमन के माध्यम से अपनी विफलताओं और एपस्टीन फाइनल के गंभीर आरोपों से ध्यान हटाने की कोशिश की, लेकिन भारत ने सब कुछ समझ लिया। राष्ट्र के लिए ईंधन और उर्वरक सुरक्षा सुनिश्चित करने में भाजपा सरकार विफल हुई है। उत्पादन कम हो गया है, आयात विविधीकरण विफल हो गया है, होर्मुज जलडमरूमध्य में हमारे जहाज सुरक्षित मार्ग से निकलने में असमर्थ हैं।
भारतीय ध्वज वाले 14 जहाज 54 दिनों से वहां फंसे हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि भारत का कच्चे तेल का उत्पादन 2025-26 में लगातार 11वें वर्ष गिर रहा है, जिसका श्रेय मोदी सरकार को जाता है। उनके मुताबिक, 2014-15 के बाद से कुल कच्चे तेल का उत्पादन लगभग 22 प्रतिशत गिर गया है। खरगे ने कहा, गैस उत्पादन में लगभग 40 प्रतिशत की और भी अधिक चौंकाने वाली गिरावट आई है, जो 2011-12 में 47,555 एमएमएससीएम (मिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर) से गिरकर 2020-21 में केवल 28,672 एमएमएससीएम रह गई है। उन्होंने दावा किया कि अब मोदी सरकार ने कोई भी नया एलपीजी कनेक्शन बंद कर दिया है।
खरगे का कहना है कि उर्वरक उत्पादन अब मार्च, 2026 में 5 साल के निचले स्तर पर आ गया है। उन्होंने कहा, चीन ने पहले ही जुलाई 2025 में विशेष उर्वरकों को प्रतिबंधित कर दिया है, लेकिन मोदी सरकार ने आयात में विविधता लाने की जहमत नहीं उठाई। रूस ने भी अब उर्वरक निर्यात रोक दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, शायद प्रधानमंत्री मोदी को अपने ही मार्गदर्शक मंडल के सदस्य मुरली मनोहर जोशी की बात सुननी चाहिए, जिन्होंने हाल में कहा था कि हमें अब ैविश्वगुरुै की शब्दावली का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।





