नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा मदरसा शिक्षा को लेकर दिए गए बयान पर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने बुधवार को मौर्य के बयान की कड़ी आलोचना करते हुए इसे सांप्रदायिक करार दिया और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि क्या चंदा चोर देशभक्त हैं।
दरअसल, केशव प्रसाद मौर्य ने मंगलवार को लखनऊ में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान दावा किया था कि मदरसा शिक्षा देशभक्ति की भावना विकसित नहीं करती। उन्होंने कहा था, जिसे भी मदरसा शिक्षा मिलती है, वह ‘भारत माता की जय’ नहीं बोलता और न ही ‘वंदे मातरम्’ गीत गाता है। उसके भीतर एक आतंकवादी जैसी सोच विकसित होती है। उनके इस बयान के बाद विपक्षी दलों ने भाजपा पर तीखा हमला बोला।
कपिल सिब्बल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है, ‘मदरसा शिक्षा देशभक्ति की भावना पैदा नहीं करती।’ जो लोग मदरसा शिक्षा प्राप्त करते हैं, उनकी मानसिकता आतंकवादियों जैसी हो जाती है। यह सांप्रदायिक बयान है। यह विकृत सोच को दर्शाता है।
सिब्बल ने आगे भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा,क्या ‘चंदा चोर’ देशभक्त हैं? यह देश इससे बेहतर का हकदार है।सिब्बल की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब विपक्ष अयोध्या स्थित राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे में कथित अनियमितताओं और कथित चोरी के आरोपों को लेकर भाजपा को लगातार घेरने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, भाजपा इन आरोपों को पहले भी खारिज करती रही है।
उधर, केशव प्रसाद मौर्य के बयान को लेकर विपक्षी दलों ने इसे समाज में विभाजन पैदा करने वाला और एक विशेष समुदाय को निशाना बनाने वाला बताया है। वहीं, इस मुद्दे पर भाजपा की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है। मदरसा शिक्षा को लेकर दिया गया यह बयान अब राजनीतिक बहस का नया विषय बन गया है और आने वाले दिनों में इस पर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।





