नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित 18वें रोजगार मेले में देश के विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में चयनित 61 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने इन नियुक्ति पत्रों को मात्र नौकरी का दस्तावेज नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण का ‘संकल्प पत्र’ और ‘राष्ट्र निर्माण का निमंत्रण’ करार दिया।
उन्होंने गणतंत्र पर्व और पराक्रम दिवस जैसे राष्ट्रीय उत्सवों के बीच इस उपलब्धि को युवाओं के जीवन का नया अध्याय बताया और जोर देकर कहा कि सरकारी सेवा में शामिल होना संविधान के प्रति जिम्मेदारी निभाने और राष्ट्र सेवा का एक अनूठा अवसर है। प्रधानमंत्री ने भारत की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि देश आज ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर सवार है, जहाँ सड़क, रेल और हवाई अड्डों जैसे बुनियादी ढांचे में निवेश ने रोजगार के अभूतपूर्व अवसर पैदा किए हैं।
उन्होंने विशेष रूप से महिला सशक्तीकरण पर बल देते हुए बताया कि पिछले 11 वर्षों में कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी लगभग दोगुनी हो गई है, जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण सीमा सुरक्षा बल की ‘जीरो लाइन’ पर तैनात महिला टुकड़ियाँ और विभिन्न नेतृत्वकारी भूमिकाओं में उनकी बढ़ती संख्या है। इस दौरान केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने भी आँकड़े साझा करते हुए बताया कि इनमें से अधिकांश नियुक्तियाँ गृह मंत्रालय और अर्धसैनिक बलों में हुई हैं। उन्होंने पिछली सरकार की तुलना में एनडीए शासनकाल में हुई अधिक नियुक्तियों का उल्लेख करते हुए सरकार की ‘मिशन मोड’ भर्ती प्रक्रिया और युवाओं के कौशल विकास के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।





