back to top

ग्रामीण क्षेत्रों में लगाएं स्वास्थ्य शिविर : आनंदीबेन पटेल

  • खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में अध्ययन एवं शोध को दें बढ़ावा
  • किया ‘लिविंग लिजेन्ड्स ऑफ़ बलिया’ वेबसाइट का उद्घाटन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मंगलवार को कहा कि ‘लिविंग लिजेन्ड्स ऑफ़ बलिया’ फोरम के माध्यम से जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय ने बलिया की उन विभूतियों को फिर से यहां की मिट्टी से जोड़ने की अनूठी पहल की है, जो फिलहाल यहां से दूर रहकर विभिन्न क्षेत्रों में अपना विशिष्ट योगदान दे रहे हैं।

राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय, बलिया द्वारा आयोजित ‘वर्तमान शैक्षिक परिदृश्य एवं जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय की भूमिका: चुनौतियों एवं संभावनाएं’ विषयक संगोष्ठी और ‘लिविंग लिजेन्ड्स ऑफ़ बलिया’ फोरम की वेबसाइट का राजभवन से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि इस फोरम के माध्यम से विश्वविद्यालय बलिया की विभूतियों को अपनी मिटटी से जुड़ने और मधुर स्मृतियों को संजोने का न सिर्फ मौका देगा, बल्कि मातृभूमि के ऋण से उऋण होने का अवसर भी देगा।

राज्यपाल ने कहा कि यह विश्वविद्यालय बलिया के जिस महान विभूति चंद्रशेखर के नाम पर स्थापित है, उनके पदचिन्हों पर चलकर कार्य करें और शीर्ष पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि बलिया की धरती एक अत्यन्त उर्वर धरती है, जिसने तमाम ऋषि-मुनियों से लेकर स्वाधीनता सेनानियों, साहित्यकारों, विद्धानों, बुद्धिजीवियों और राष्ट्रीय स्तर के नेताओं तक को जन्म दिया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने अपने छोटे-से जीवनकाल में ही कई महत्वपूर्ण कार्य किये हैं, जो प्रशंसनीय है।

आनंदीबेन पटेल ने कहा कि सीमित संसाधनों और कोरोना से उत्पन्न कठिन परिस्थितियों के बावजूद विश्वविद्यालय ने निर्धारित समय सीमा के अंदर नकल विहीन परीक्षा कराई, समय से परीक्षाफल घोषित किया। कुछ पाठ्यक्रमों में सबसे पहले परीक्षाफल घोषित करके इस विश्वविद्याकलय ने प्रदेश भर के विश्वविद्यालय के समक्ष एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया।

राज्यपाल ने कहा कि बलिया जिला प्राकृतिक जल-स्रोतों से अत्यंत समृद्ध है और यहां मत्स्य उत्पादन की व्यापक संभावनाएं भी हैं। इसके लिए सम्यक प्रशिक्षण और वैज्ञानिक तरीकों का प्रयोग करते हुए मत्स्य उत्पादन में भारी वृद्धि की जा सकती है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में अध्ययन एवं शोध को बढ़ावा दिया जाये तो यहां के किसानों की समृद्धि के दरवाजे खुल सकते हैं। परंपरागत कृषि की जगह नवाचारी कृषि का प्रयोग यहां के किसानों का जीवन स्तर बदल सकता है।

आनंदीबेन पटेल ने ज़ोर देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय को स्वास्थ्य एवं शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की ज़रूरत है। इसके लिए विश्वविद्यालय समय-समय पर ग्रामीण क्षेत्रों में कुपोषित बच्चों, गर्भवती महिलाओं का सर्वेक्षण करें व स्वास्थ्य शिविर लगाएं और जागरूकता अभियान चलाएं।

उन्होंने कहा कि नयी शिक्षा नीति स्वदेशी ज्ञान और तकनीक के आधार पर नये भारत को शक्तिशाली बनाने में सहायक होंगे। शिक्षा को भारतीय जनजीवन और सामाजिक व सांस्कृतिक चेतना से जोड़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति से भारतीय ज्ञान-शक्ति के सहारे आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा।

RELATED ARTICLES

ईरान में फंसे बाराबंकी जिले के लोगों के परिजन चिंतित, केंद्र सरकार से लगाई मदद की गुहार

बाराबंकी। अमेरिका व इजराइल के हमले के बाद र्ईरान में फंसे बाराबंकी जिले के कई लोगों के परिवार बेहद चिंतित हैं और उन्होंने भारत...

दुबई में फंसीं इस अभिनेत्री ने प्रधानमंत्री मोदी से सुरक्षित वापसी के लिए मदद मांगी

नयी दिल्ली। ‘जन्नत’ और ‘3जी- ए किलर कनेक्शन’ जैसी फिल्मों में अभिनय से मशहूर हुईं अभिनेत्री सोनल चौहान ने सभी उड़ान सेवाओं के अनिश्चितकालीन...

एफपीआई ने फरवरी में भारतीय शेयर बाजार में 22,615 करोड़ रुपये डाले, 17 माह का उच्चस्तर

नयी दिल्ली। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने फरवरी में भारतीय शेयर बाजार में 22,615 करोड़ रुपये डाले हैं, जो 17 माह का उच्चस्तर है।...

हर तरफ रंगों व पिचकारियों की धूम, जमकर हो रही खरीदारी

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के अमीनाबाद, आलमबाग, भूतनाथ, आईटी चौराहा जिधर भी चले जाओ हर तरफ बाजार में होली की उमंग दिख रही है। कोई...

चंद्र ग्रहण आज, सूतक मान्य, बंद रहेंगे मंदिरों के कपाट

लखनऊ। फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा (तीन मार्च) को साल के पहले चंद्रग्रहण पर सूतककाल में लखनऊ के सभी मंदिर बंद रहेंगे।...

भगवान नरसिंह की भव्य शोभा यात्रा व होली उत्सव कल

शोभा यात्रा एवं होली उत्सव का आयोजनलखनऊ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, लखनऊ द्वारा होली के पावन अवसर पर भगवान नरसिंह रंग भरी भव्य शोभा यात्रा...

मचो फाग घनघोर आज होरी झूम री…

गोमती तट पर सजी 84वीं लोक चौपाल, नाव में गूंजा फागलखनऊ। लोक संस्कृति शोध संस्थान द्वारा सोमवार को कुड़िया घाट पर 84वीं लोक चौपाल...

महाकाव्य ग्रन्थ महाभारत की कहानी है नाटक दूतवाक्यम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थानम एवं सफर फाउण्डेशन की ओर से नाटक दूतवाक्यम का मंचन बौद्ध शोध संस्थान में किया गया। नाटक का निर्देशन...

मैंने आंगन नहीं बुहारा कैसे आएंगे भगवान…

गायत्री यज्ञ, भजन कीर्तन संग हुआ प्रसाद वितरण लखनऊ। शास्त्री मोंटेसरी स्कूल, राजेंद्र नगर, लखनऊ में आज फाल्गुन चतुर्दशी/ पूर्णिमा के अवसर पर गायत्री यज्ञ,...