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अब तक किसानों को हुआ 239.234 करोड़ रूपये का भुगतान
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समीक्षा के लिए सरकार ने नामित किये नोडल अफसर
लखनऊ। प्रदेश के सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा ने सहकारिता विभाग द्वारा चलाये जा रहे धान खरीद केंद्र साधन सहकारी समिति ज्योली विकास खंड बंकी, बाराबंकी जिले का सोमवार को आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि धान खरीद केंद्रों पर किसानों को किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए और किसानों से खरीदे गये धान का भुगतान नियमानुसार किया जाये, इसका विशेष ध्यान रखा जाये।
वर्मा ने साधन सहकारी समिति ज्योली विकास खण्ड बंकी के निरीक्षण के दौरान किसान राम नरेश निवासी ग्राम सुरसण्डा व किसान संजय कुमार निवासी ग्राम फत्तेसराय बाराबंकी मौजूद थे, जिनसे मंत्री ने धान खरीद के संबंध में जानकारी की गयी।
किसान राम नरेश द्वारा बताया गया कि रजिस्ट्रेशन हो गया लेकिन उसकी खतौनी का सत्यापन लेखपाल द्वारा नहीं किया गया है। इस पर मंत्री ने जिलाधिकारी बाराबंकी से वार्ता की और किसानों की धान खरीद से संबंधित समस्या का समाधान शीघ्र कराये जाने के निर्देश दिये गये।
वर्मा ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि धान खरीद केंद्रों पर सभी ज़रूरी व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाये, इसका ध्यान ज़रूर रखा जाये। निरीक्षण के दौरान साधन सहकारी समिति के सचिव सुखदेव वर्मा सहित अन्य किसान मौजूद थे।
इसी बीच, खाद्य एवं रसद विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश में चल रही मूल्य समर्थन योजना के तहत खोले गये धान खरीद केंद्रों के माध्यम से, अब तक 280474.70 मीट्रिक टन धान किसानों से सीधे खरीद गया है। पिछले साल इस अवधि में 75283.30 मीट्रिक टन धान की खरीद की गयी थी।
पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में इस साल लगभग चार गुना ज़्यादा खरीद हुई है। इस योजना से अब तक 39748 किसान लाभान्वित हुए हैं और किसानों को 239.234 करोड़ रूपये का भुगतान उनके खातों में सीधे किया गया है।
खाद्य एवं रसद विभाग से मिली रिपोर्ट के अनुसार सोमवार को 37325.94 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है। उल्लेखनीय है कि सरकार ने खरीफ क्रय वर्ष 2020-21 के तहत 55 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा है, जिसके सापेक्ष अब तक करीब 5.10 प्रतिशत खरीद की गयी है।
इसके अलावा इसी बीच सरकार ने मूल्य समर्थन योजना के तहत हो रही धान खरीद की व्यवस्थाओं की स्थलीय समीक्षा एवं खरीद केंद्रों के निरीक्षण के लिए नोडल अधिकारियों को नामित कर दिया है। नोडल अधिकारी महीने के हर हफ्ते में अपने-अपने नामित जिलों में भ्रमण, स्थलीय पर्यवेक्षण व समीक्षा कर यह पक्का करेंगे कि किसानों को उनका उचित मूल्य मिल रहा है और उन्हें अपना धान बेचने में कठिनाई नहीं हो रही है।
इसके अलावा खरीद केंद्रों से धान का मिल को भेजने, मिल से तैयार चावल का एफसीआई डिपो को भेजने और किसानों को समय से भुगतान आदि की समीक्षा करेंगे। इस संबंध में प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद विभाग वीना कुमारी ने आदेश जारी कर दिया है।





