back to top

मासिक सामूहिक सुंदरकांड पाठ 15 अक्टूबर को

अयोध्या में लखनऊ की सपना गोयल द्वारा शुरू हुई मासिक श्रंखला

लखनऊ। अयोध्याजी जन्मभूमि परिसर में मातृशक्तियों द्वारा सामूहिक मासिक सुंदरकाण्ड पाठ का सिलसिला 11 सितम्बर से शुरू हो गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की ओर से लखनऊ की ईश्वरीय स्वप्नाशी सेवा समिति की सनातन ध्वज वाहिका सपना गोयल को इसका दायित्व सौंपा गया है। इस प्रथम सोपान में सैकड़ों की संख्या में समिति की विशेष रूप से डिजाइन की गई पीले रंग की साड़ी पहनकर महिलाओं द्वारा सामूहिक सुंदरकांड का पाठ किया गया। इसमें अयोध्याजी की स्थानीय मातृशक्तियों ने ही नहीं बल्कि लखनऊ और नैमिषारण्य तीर्थ क्षेत्र की उत्साहित महिलाओं ने भी सक्रिय सहभागिता की। सपना गोयल ने गुरुवार को अयोध्याजी से लखनऊ लौट कर संवाददाताओं को बताया कि इस क्रम में दूसरा सामूहिक सुंदरकांड का पाठ आगामी 15 अक्टूबर दिन मंगलवार को अयोध्या में जन्मभूमि परिसर में किया जाएगा। इसके साथ ही संकल्प के अनुसार जल्द ही अयोध्याजी में पांच हजार मातृशक्तियों द्वारा सामूहिक सुंदरकांड पाठ का वृहद आयोजन भी किया जाएगा। सनातन ध्वज वाहिका सपना गोयल के अनुसार भारत वर्ष, देवों द्वारा निर्मित है और भरत की भूमि, ऋषि मुनियों की जन्मस्थली है। ऐसे में वह सतत प्रयास कर रही हैं कि भारत को उसका पुराना वैश्विक गौरव प्राप्त हो और भारत पुन: विश्व गुरु के रूप में प्रतिष्ठित हो। उनके अनुसार इसके लिए सबसे पहले जरूरी है कि संकल्पित होकर प्रतिदिन सुंदरकांड का पाठ और हर मंगलवार और शनिवार को निकट के मंदिर में जाकर सामूहिक सुंदरकांड का पाठ किया जाए। सपना गोयल ने बताया कि प्रभु राम की जन्म स्थली अयोध्या के बारे में कहा जाता है कि अयोध्या वह पावन नगरी है जो अजेय है जिसे कोई पराजित नहीं कर सकता। वर्तमान में विश्व पटल पर प्रभु राम का यह संदेश पहुंचाने की आवश्यकता है। उनके अनुसार अगर हर देश अपनी मयार्दा का निर्वाह करेगा तो विश्व में युद्ध के बजाए शान्ति होगी और यही जगत कल्याण का सुलभ मार्ग भी है। उन्होंने कहा कि पावन रामकथा यह संदेश भी देती है कि अहंकार चाहें जितना भी बलवान क्यों न हो उसका पतन होकर रहता है जबकि अहंकार से मुक्त महाबली हनुमान का गुणगान तो आज समस्त विश्व के रामभक्त कर रहे हैं। आवश्यकता है कि हर भारतीय अपने पूज्य पूर्वजों के सत्य मार्ग का अनुसरण कर अपना और अपने राष्ट्र का उत्थान करे। सपना गोयल द्वारा बिना किसी सरकारी या निजी सहयोग के, बीते 10 मार्च को महिला दिवस के उपलक्ष्य में पांच हजार से अधिक मातृशक्तियों द्वारा लखनऊ के झूलेलाल घाट पर सामूहिक सुंदरकांड का भव्य अनुष्ठान सम्पन्न करवाया गया था। सामूहिक सुंदरकांड का अभियान राष्ट्रीय स्तर पर वृहद रूप में निरंतर संचालित किया जा रहा है। इसके तहत नैमिषारण्य तीर्थ और उत्तराखंड कोटद्वार के प्रतिष्ठित प्राचीन मंदिर, सिद्धबली परिसर में भी सामूहिक सुंदरकांड पाठ का अनुष्ठान, सफलतापूर्वक आयोजित करवाया जा चुका है। यह अभियान देश ही नहीं विदेशों तक में संचालित किया जा रहा है।

RELATED ARTICLES

‘धुरंधर’ के राकेश बेदी ने अपने अभिनय से अवध की शाम को बनाया खास

नाटक ‘मसाज’ में राकेश बेदी ने दिखाया जीवन का संघर्षलखनऊ। भारतेंदु नाट्य अकादमी के स्वर्ण जयंती नाट्य समारोह में गुरुवार को नाटक 'मसाज' का...

‘बूढ़ी काकी’ के व्यवहार ने बहू रूपा की जगा दी संवेदना

अभिषेक पंडित के निर्देशन में बूढ़ी काकी नाटक का मंचन लखनऊ। भारतेंदु नाट्य अकादमी के स्वर्ण जयंती नाट्य समारोह में नाटक 'बूढ़ी काकी' का भावपूर्ण...

डॉ. आकांक्षा श्रीवास्तव के निर्देशन में होगा कथक समारोह परम्परा 2026

गुरुवार 9 अप्रैल को सम्पन्न हुआ परम्परा 2026 संगीत और नृत्य की एक शाम के पोस्टर विमोचन का अनुष्ठान लखनऊ। पद्मजा कला संस्थान की सचिव...

‘धुरंधर’ के राकेश बेदी ने अपने अभिनय से अवध की शाम को बनाया खास

नाटक ‘मसाज’ में राकेश बेदी ने दिखाया जीवन का संघर्षलखनऊ। भारतेंदु नाट्य अकादमी के स्वर्ण जयंती नाट्य समारोह में गुरुवार को नाटक 'मसाज' का...

निर्धन कन्याओं के कन्यादान संग श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सम्पन्न

​लखनऊ। हरिश्चंद्र वंशीय रस्तोगी समाज की महिला समिति 'सुहासिनी' द्वारा राजाबाजार स्थित 'गीता सत्संग भवन' में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का गुरुवार को श्रद्धापूर्वक...

गुरु अर्जन देव जी के प्रकाश पर्व पर सजा विशेष दीवान

लखनऊ। ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी यहियागंज में सिक्खों के पांचवे गुरु शहीदों के सरताज श्री गुरु अर्जन देव जी के...

‘बूढ़ी काकी’ के व्यवहार ने बहू रूपा की जगा दी संवेदना

अभिषेक पंडित के निर्देशन में बूढ़ी काकी नाटक का मंचन लखनऊ। भारतेंदु नाट्य अकादमी के स्वर्ण जयंती नाट्य समारोह में नाटक 'बूढ़ी काकी' का भावपूर्ण...

वरूथिनी एकादशी 13 को, शुभ योग में होगी श्रीहरि की पूजा

लखनऊ। हर साल वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि के अगले दिन वरूथिनी एकादशी मनाई जाती है। यह पर्व जगत के पालनहार...

अक्षय तृतीया पर करें 14 तरह का दान, अक्षय पुण्य की होगी प्राप्ति

लखनऊ। हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया के पर्व का खास महत्व होता है। इसे अत्यंत ही शुभ दिन माना जाता है। हर साल वैशाख...