न कोई सिफारिश, न कोई पैसा”, केवल योग्यता और आरक्षण के नियमों के आधार पर ही चयन सुनिश्चित किया गया है : सीएम योगी आदित्यनाथ
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा पिटारा खोल दिया है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड इसी वर्ष लगभग 1 लाख नई भर्तियां करने जा रहा है। इन भर्तियों में सिविल पुलिस, होमगार्ड और सब-इंस्पेक्टर (SI) जैसे विभिन्न पद शामिल होंगे। पुलिस दूरसंचार विभाग के लिए चयनित 936 प्रधान परिचालकों को नियुक्ति-पत्र वितरित करते हुए सीएम ने स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त रही है। उन्होंने कहा कि न कोई सिफारिश, न कोई पैसा”, केवल योग्यता और आरक्षण के नियमों के आधार पर ही चयन सुनिश्चित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने सुरक्षा और विकास के अंतर्संबंधों पर जोर देते हुए कहा कि कानून का राज ही विकास की पहली गारंटी है, जिसके कारण आज दुनिया भर के निवेशक उत्तर प्रदेश की ओर आकर्षित हो रहे हैं। उन्होंने यह भी साझा किया कि पिछले नौ वर्षों में यूपी पुलिस ने रिकॉर्ड 2,20,000 कर्मियों की सफलतापूर्वक भर्ती की है। सीएम के अनुसार, जब हर नागरिक ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का पालन करेगा, तभी ‘विकसित भारत’ का सपना साकार होगा। यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से अधिक दक्ष और संचार के दृष्टिकोण से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
इसी कड़ी में, औद्योगिक शांति बनाए रखने के लिए गौतम बुद्ध नगर पुलिस ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रयोग किया है। नोएडा में श्रमिकों के हालिया विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए अस्थायी तौर पर डीसीपी (उद्योग) का नया पद सृजित किया गया है। यह विशेष विंग एक एसीपी, तीन निरीक्षकों और 25 अन्य पुलिसकर्मियों की टीम के साथ औद्योगिक इकाइयों और श्रमिकों की शिकायतों का त्वरित समाधान करेगी। प्रशासन का उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्र में बेहतर तालमेल बिठाना और किसी भी प्रकार के गतिरोध को बातचीत और कानून के माध्यम से सुलझाना है।





