नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता को लेकर बढ़ती अनिश्चितता और कमजोर अंतरराष्ट्रीय संकेतों के चलते सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को भारतीय शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ लाल निशान में खुला। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स अपने पिछले बंद 74,649.84 अंक के मुकाबले 142.11 अंक टूटकर 74,507.73 पर खुला। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी-50 भी पिछले बंद 23,483.55 अंक की तुलना में 67.6 अंक की गिरावट के साथ 23,415.95 पर खुला। बाजार खुलने के बाद बिकवाली का दबाव तेजी से बढ़ा और सुबह करीब 9:32 बजे सेंसेक्स 782.10 अंकों (1.05 प्रतिशत) की भारी गिरावट के साथ 73,867.74 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी भी 205.05 अंक (0.87 प्रतिशत) गोता लगाकर 23,278.50 पर कारोबार करता नजर आया। व्यापक बाजार में भी निराशा का माहौल रहा, जहां निफ्टी मिडकैप में 0.85 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.58 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
बाजार की इस गिरावट में सबसे बड़ी भूमिका आईटी सेक्टर की रही, जो करीब 3.9 प्रतिशत की कमजोरी के साथ सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टर साबित हुआ। इसके अलावा अन्य प्रमुख सेक्टर्स में भी चौतरफा बिकवाली देखी गई, जिसमें निफ्टी रियल्टी 1.91 प्रतिशत, निफ्टी मीडिया 1.20 प्रतिशत, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 0.97 प्रतिशत, निफ्टी एफएमसीजी 0.98 प्रतिशत और निफ्टी पीएसयू बैंक 0.98 प्रतिशत टूट गए। हालांकि, इस चौतरफा गिरावट के बीच निफ्टी ऑटो और निफ्टी मेटल ने अन्य सेक्टर्स की तुलना में खुद को संभाला और बेहद सीमित नुकसान के साथ कुछ बेहतर प्रदर्शन किया।
शुरुआती कारोबार के दौरान निफ्टी पैक में देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस (TCS) के शेयरों में सर्वाधिक 6.6 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई। इसके साथ ही टेक महिंद्रा, इंफोसिस और एचसीएल टेक जैसी दिग्गज आईटी कंपनियों के शेयर भी 3.1 प्रतिशत से लेकर 4.3 प्रतिशत तक लुढ़क गए। एफएमसीजी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी आईटीसी और इटरनल के शेयरों में भी कमजोरी का रुख रहा। दूसरी ओर, इस विपरीत माहौल में भी ओएनजीसी, अपोलो हॉस्पिटल, बजाज ऑटो, मारुति सुजुकी, नेस्ले इंडिया और टाटा कंज्यूमर के शेयरों में बढ़त दर्ज की गई। इसी बीच, विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार निकासी और वैश्विक तनाव के कारण भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 15 पैसे कमजोर होकर 95.47 के ऐतिहासिक निचले स्तर पर खुला, जो इससे पिछले सत्र मंगलवार को 95.27 पर बंद हुआ था।
बाजार विश्लेषकों के मुताबिक, तकनीकी मोर्चे पर निफ्टी ने सुबह कारोबार के दौरान 23,262 के महत्वपूर्ण स्तर को छुआ और वहां से थोड़ी रिकवरी दिखाते हुए 23,153 और 23,106 के अपने बेहद अहम सपोर्ट स्तरों के ऊपर टिके रहने में कामयाबी हासिल की। मौजूदा स्थिति को देखते हुए अब इंट्राडे के लिए 23,229 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट का काम कर रहा है, जबकि बाजार में दोबारा एक बड़ी और टिकाऊ तेजी की पुष्टि तभी संभव हो पाएगी जब निफ्टी आगामी सत्रों में 23,800 के मनोवैज्ञानिक स्तर के ऊपर बंद होने में सफल रहेगा। इन सबके बीच, घरेलू मोर्चे पर निवेशकों की नजरें पूरी तरह से भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिवसीय समीक्षा बैठक पर टिकी हुई हैं, जो बुधवार से शुरू हो रही है और इसके फैसलों का ऐलान शुक्रवार को किया जाएगा।





