एक्सप्रेस-वे से उत्तराखंड नैनीताल और नेपाल सीमा से सीधे जुडे़गा लखनऊ,एससीआर व एलडीए विजन-2036 के तहत 26 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का खाका तैयार
लखनऊ, विशेष संवाददाता। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) परियोजना और लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के इंटीग्रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान के तहत बड़े बुनियादी ढांचा विकास की सौगात देने की तैयारी है। प्रस्तावित योजनाओं में करीब 300 किलोमीटर लंबा गोमती एक्सप्रेस-वे और 6000 एकड़ में नया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा प्रमुख हैं। इन दोनों परियोजनाओं पर करीब 26 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत आने का अनुमान है।
प्रस्तावित गोमती एक्सप्रेस-वे की लंबाई लगभग 300 किलोमीटर होगी और इसकी अनुमानित लागत 13,670 करोड़ रुपये अनुमानित की गई है। परियोजना के निर्माण की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) को सौंपी गई है। एक्सप्रेस-वे लखनऊ को उत्तराखंड और नेपाल सीमा से जोड़ेगा, जिससे दुधवा नेशनल पार्क, हल्द्वानी और नैनीताल जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक बेहतर और तेज संपर्क स्थापित होगा। इसके निर्माण का कार्य वर्ष 2027 से शुरू होकर वर्ष 2036 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जल्द ही इसके रूट निर्धारण और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।
इस परियोजना से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि मार्ग से जुड़े जिलों में औद्योगिक, पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसी योजना के तहत लखनऊ में 6000 एकड़ भूमि पर नया अत्याधुनिक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा विकसित करने का प्रस्ताव है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) की इस परियोजना की अनुमानित लागत 12,800 करोड़ रुपये आंकी गई है और इसे वर्ष 2036 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह परियोजना एलडीए के विजन-2036 का भी हिस्सा है।
नए एयरपोर्ट की सबसे बड़ी विशेषता इसका 4.7 किलोमीटर लंबा रनवे होगा, जो वर्तमान चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के 2.72 किलोमीटर लंबे रनवे की तुलना में काफी बड़ा होगा। इससे बड़े अंतरराष्ट्रीय विमानों और कार्गो विमानों का संचालन संभव होगा तथा लखनऊ से अमेरिका, यूरोप और अन्य दूरस्थ देशों के लिए सीधी उड़ानों का मार्ग प्रशस्त होगा।
योजना के अनुसार, वर्तमान अमौसी स्थित चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को भविष्य में आधुनिक कार्गो हब के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे प्रदेश के निर्यात, व्यापार और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को नई गति मिलने की संभावना है। एक अधिकारी के अनुसार स्टेट कैपिटल रीजन और इंटीग्रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान के अंतर्गत तैयार विभिन्न परियोजनाओं का प्रस्तुतीकरण शासन स्तर पर किया जा चुका है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से राजधानी में आवागमन, निवेश, औद्योगिक विकास और आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी तथा प्रदेशवासियों को दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होगा।





