बांदा/चित्रकूट (उप्र)। उत्तर प्रदेश में बुंदेलखंड क्षेत्र के बांदा और चित्रकूट जिलों के करीब 26 गांवों में मध्य प्रदेश के जंगल से कई टुकड़ों में आए टिड्डी दलों ने हमला कर दिया। गुरुवार को दोपहर बाद मध्य प्रदेश के जंगल की ओर से लाखों की तादाद में आए टिड्डियों ने बांदा जिले की अर्ता और नरैनी तहसील क्षेत्र के करीब 17 गांवों में हमला बोल दिया। कई गांवों में पहले से सतर्क किसानों ने थाली, कनस्तर बजाने के अलावा धुआं कर टिड्डियों को भगाया, लेकिन कुछ गांवों में फसलों का आंशिक नुकसान भी हुआ।
अर्ता के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) जयप्रकाश यादव ने शुक्रवार को बताया कि कालिंजर के रास्ते मध्य प्रदेश के जंगल से आया टिड्डी दल यहां र्तुा, भुसासी, उदयपुर, बनई, गौतमपुर, अर्ता ग्रामीण, नकटा पुरवा, मुड़वारा, चन्दौर व पौहार गांव पहुंचा था, लेकिन किसानों ने शोर मचाकर उसे भगा दिया है। उन्होंने बताया कि कृषि अधिकारी और खण्ड विकास अधिकारी टीम के साथ गांवों की निगरानी करते रहे, जिससे फसलों को कोई नुकसान नहीं हुआ। वहीं, र्तुा गांव की ग्राम प्रधान के प्रतिनिधि रज्जू सिंह ने बताया कि टिड्डी दल यहां आस-पास के गांवों पेड़ों, मूंग, अरहर, धान के पौो और मक्के की फसल चट कर गया है।
नरैनी की उपजिलाधिकारी (एसडीएम) वन्दिता श्रीवास्तव ने बताया कि मध्य प्रदेश के जंगलों से चार टुकड़ों में आया टिड्डी दल करतल क्षेत्र के बिल्हरका, भवनपुर, रगौली, भटपुरा, पुकारी, बंजारा, बरकोला कला, रंजीतपुर, नसेनी, गोरेपुरवा, खरौंच आदि गांवों में हमला बोला, लेकिन अधिकारियों और किसानों ने उन्हें नीचे उतरने नहीं दिया। नतीजतन यहां फसल का कोई नुकसान नहीं हुआ। बरकोला गांव के किसान बलदाऊ शिवहरे ने बताया कि टिड्डी दल ने उनके चार बीघे का गन्ना चट कर दिया।
इसी प्रकार खरौंच गांव के किसान विष्णु मिश्रा और राजाभइया ने बताया कि उनके 20 बीघा खेत में मूंग की फसल टिड्डी दल खा गया है। बांदा के जिला कृषि अधिकारी प्रमोद कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार को टिड्डी दल ने करीब 17 गांवों में धावा बोला था, लेकिन ज्यादा नुकसान नहीं कर पाया और देर शाम पुन: मध्य प्रदेश की ओर उड़ गया है।
उधर, चित्रकूट जिले के कृषि अधिकारी धर्मेंद्र अवस्थी ने बताया कि पहले टिड्डी दल चित्रकूट शहर में काफी देर मंडराता रहा, बाद में औझर, सरैया, छिबो, नांदी आदि गांवों तक पहुंच गया, जहां किसान शोर मचाकर भगाते रहे। उन्होंने बताया कि कुछ गांवों में फसल को आंशिक नुकसान हुआ है। करीब दस गांवों में टिड्डी ने हमला किया, बाद में मध्य प्रदेश के सतना और पन्ना जिलों के जंगल में गुम हो गया है।





