बलरामपुर/बहराइच/श्रावस्ती(उप्र)।भारत-नेपाल सीमा से सटे उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले के पचपेड़वा इलाके में कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आया है। वहीं, बहराइच और श्रावस्ती जिलों में बुधवार देर रात कोरोना वायरस से संक्रमण के 11 मामले सामने आए हैं। जिसके बाद प्रशासन ने जिले की सभी सीमाओं को सील कर दिया।
बलरामपुर के जिलाघिकारी के. करुणेश ने गुरुवार को बताया कि जिले के पचपेड़वा इलाके में एक व्यक्ति पिछले दिनों मुम्बई से अपने गांव आया था। करूणेश ने बताया कि व्यक्ति को यहां आने के बाद पचपेड़वा के पृथक केन्द्र में भर्ती कराया गया और उसके नमूने फिर जांच के लिए भेजे गए। रिपोर्ट में उसे कोरोना वायरस होने की पुष्टि हुई है। अब उसके सम्पर्क में आए लोगों की पहचान की जा रही है।
इसके अलावा बहराइच के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डी.के. सिंह ने गुरुवार को बताया कि लखनऊ के राममनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट से आई रिपोर्ट में बहराइच के आठ मरीजो में कोरोना वायरस का संक्रमण होने की पुष्टि हुई। सिंह ने बताया कि अभी तक जिले में कोविड-19 का एक भी मरीज नहीं मिला था। रिपोर्ट आने के बाद जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने आपात बैठक कर फैसला किया कि सभी मरीजों को एल-1 सुविधा में रखा जाएगा।
उन्होंने बताया कि आठ में से छह मरीज पहले से जिला अस्पताल में भर्ती थे। नेपाली मूल का एक मरीज नानपारा पृथकवास केंद्र में तथा एक महिला बहराइच शहर में अपने घर पर ही पृथवास में थी। सीएमएस ने बताया कि इन सभी मरीजों में कोरोना के परंपरागत लक्षण नहीं थे। शहर की महिला के अलावा एक नेपाली व अन्य छह लोग मजदूर थे जिनका बाहर से लौटने के कारण जांच कराई गई थी।
श्रावस्ती के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. ए.पी. भार्गव ने बताया कि इनमें से एक मरीज इकौना का है जो आगरा से आया था। दो अन्य मरीज मल्हीपुर के निवासी हैं। दोनो नागपुर काम करते थे। बीती 17 अप्रैल से इन तीनों को पृथक कर उनके नमूने जांच के लिए लखनऊ भेजे गए। बुधवार रात आई रिपोर्ट में उनके कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई। भार्गव ने बताया कि श्रावस्ती के तीनों मरीजों की उम्र 20-20 वर्ष है। वर्तमान में इन्हें एल-1 सुविधा के साथ पृथकवास में रखा गया है।





