ह्यूस्टन: जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा समाप्त करने और उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के भारत सरकार के फैसले के समर्थन में सैकड़ों भारतीय-अमेरिकी यहां शनिवार को भारतीय वाणिज्य दूतावास के सामने एकत्र हुए। फ्रेंड्स ऑफ इंडिया सोसाइटी इंटरनेशनल (एफआईएसआई) की ह्यूस्टन इकाई और ग्लोबल कश्मीरी पंडित डायस्पोरा (जीकेपीडी) की ह्यूस्टन इकाई के तत्वावधान में भारतीय अमेरिकियों ने ‘भारतीय लोकतंत्र की जय हो’ और ‘भारतीय धर्मनिरपेक्षता की जय हो’ जैसे नारे लगाए। उन्होंने हाथ में बैनर पकड़ रखे थे, जिन पर लिखा था अनुच्छेद 370, कठोर, भेदभावपूर्ण, पाकिस्तान-आतंकवादियों को पैदा करना बंद करो और पाकिस्तान हमें शांति से जीने दो।
एफआईएसआई ने इस ऐतिहासिक फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व की प्रशंसा की। ह्यूस्टन एफआईएसआई चैप्टर के कार्यकर्ता मधुकर आदी रिपीट आदी ने कहा कि जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाने और जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने से सभी निवासियों को जाति, पंथ, नस्ल और धर्म के आधार पर भेदभाव के बिना समान अवसर मुहैया होंगे। एफआईएसआई के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अचलेश अमर ने कहा कि कश्मीरी हिंदू पिछले 30 साल से अपने ही देश में शरणार्थियों की तरह रह रहे हैं। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री के मौजूदा फैसले को धर्म के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। इस फैसले के लागू होने से राज्य के सभी लोगों को बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा एवं रोजगार मिलेगा और विकास होगा।





