लखनऊ, विशेष संवाददाता। एलडीए की आइटी सिटी आवासीय योजना 28 फरवरी को लांच होगी। सबसे पहले योजना में लैंड पूलिंग नीति के तहत भूमि देने वाले 336 किसानों को 870 भूखंड लॉटरी से मिलेंगे। इसकी एसओपी तैयार हो चुकी है जिसे मंजूरी के लिए आगामी 11 मार्च को बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। पहले चरण में 35 से 288 वर्गमीटर क्षेत्रफल के भूखंच लांच होंगे।
आम लोगों के लिए भूखंडों की कीमत 4,000 रुपये प्रति वर्गफीट प्रस्तावित है। सुल्तानपुर रोड पर 3490 एकड़ क्षेत्रफल में आईटी सिटी योजना का तेजी से विकास चल रहा है। इसके लिए मोहनलालगंज तहसील के ग्राम-बक्कास, सोनई कंजेहरा, सिकंदरपुर अमोलिया, सिद्धपुरा, परेहटा, पहाड़नगर टिकरिया, रकीबाबाद, मोहारी खुर्द, मोहारी कला, खुजौली व भटवारा की जमीन ली जा रही है। शुरूआती चरण में आठ सेक्टर लांच होंगे।
बक्कास के पास से आईटी योजना का विकास किया जा रहा है। योजना के सेक्टर-15, 16, 17 एवं 18 में भूखंड नियोजित हो रहे हैं। प्राधिकरण बोर्ड के निर्णय के अनुसार लैंड पूलिंग, भूमि अर्जन, आपसी सहमति से क्रय के आधार पर भूमि जुटाव का कार्य किया जा रहा है। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि जिन भू-स्वामियों के लैंड पूलिंग के एग्रीमेंट होंगे। उन सभी को लाटरी के माध्यम से योजना में ही नि:शुल्क विकसित भूखंड आवंटित होंगे। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मर्करी हाल में भू-स्वामियों की उपस्थिति में लाटरी ड्रा का आयोजन किया जाएगा। योजना अपनी सर्वाेत्तम रोड कनेक्टिविटी के कारण लोगों के लिए उपयोगी बनेगी। इसमें 288 वर्गमीटर से 35 वर्गमीटर क्षेत्रफल के आवासीय भूखंड नियोजित हो रहे हैं। लैंड पूलिंग करने वाले भू-स्वामियों को भूखंड आवंटित के बाद आम लोगों के लिए पंजीकरण खोला जाएगा।
जमीनों की खरीद बिक्री पर लगेगी रोक, नहीं कर पाएंगे लैंडपूलिंग
आईटी सिटी योजना में शामिल 11 गांवों की जमीन की खरीद बिक्री पर पंद्रह दिनों मे रोक लग जाएगी। उसके बाद यहां पर कोई बाहरी व्यक्ति जमीनों की रजिस्ट्री नहीं करा पाएगा। इस सम्बंध में एलडीए की ओर से जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को प्रस्ताव भी भेज दिया गया है। इस योजना में अभी तक करीब 1000 एकड़ जमीन की लैंडपूलिंग के जरिए एलडीए भूस्वामियों से ले चुका है।
लैंडपूलिंग के तहत एलडीए जमीन देने वालों को 25 प्रतिशत विकसित जमीन प्लाट के रूप में दी जानी है। जो 10 एकड़ से अधिक जमीन दे रहे हैं उनको 50 प्रतिशत जमीन दी जा रही है। योजना के पहले में चरण में जो लैंडपूलिंग कर चुके हैं उनको एलडीए 28 फरवरी को लॉटरी डालकर प्लाट आवंटित करेगा। योजना करीब छह महीने पहले पास हुई थी तब से अब तक एलडीए ने एक तिहाई जमीन जुटा ली है। शेष जमीन भी जल्द जुटाने के लिए अब खरीद बिक्री पर रोक लगाई जाएगी। योजना का काम देखने वाले एलडीए के संयुक्त सचिव सुशील प्रताप सिंह ने बताया कि योजना में करीब 1000 एकड़ सरकारी जमीन का पुनर्ग्रहण किया जाएगा , ऐसे में यह जमीन शासन के आदेश के बाद एलडीए को मिल जाएगी।
इस तरह करीब 2000 एकड़ जमीन उपलब्ध हो गई। बाकी बची करीब 1000 एकड़ की भी लैंडपूलिंग जल्द हो जाएगी। उन्होंने कहा कि योजना में शामिल गांवों की जमीन की खरीद ब्रिकी पर रोक लगने के बाद भी लैंडपूलिंग होगी मगर वह सिर्फ किसान ही कर सकेगा। इसे लेकर निबंधन विभाग को भी योजना में शामिल जमीन का गाटा नंबर के साथ पूरा ब्योरा भेजा जा रहा है ताकि एलडीए के अलावा किसी अन्य के पक्ष में रजिस्ट्री न हो। योजना में बक्कास, सोनई कंजेहरा, सिकंदरपुर अमोलिया, सिद्धपुरा, परेहटा, पहाड़ नगर टिकरिया, रकीबाबाद, मोहारी खुर्द, मोहारी कला, खुजौली और भटवारा गांव शामिल है।





