जमशेदपुर। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर सुरक्षित पहुंचे भारतीय ध्वज वाले एलपीजी पोत ‘शिवालिक’ के चालक दल में जमशेदपुर के अंश त्रिपाठी भी शामिल हैं। उनकी सुरक्षित वापसी की खबर मिलते ही परिवार ने राहत की सांस ली।
अंश त्रिपाठी के पिता मिथिलेश त्रिपाठी ने बताया कि अंश उनका इकलौता बेटा है और पोत पर सेकंड इंजीनियर के रूप में कार्यरत है। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरते समय जहाज के तकनीकी संचालन की जिम्मेदारी उसी पर थी।
मिथिलेश त्रिपाठी के अनुसार, उनकी बेटे से आखिरी बार चार-पांच दिन पहले व्हाट्सऐप कॉल पर बात हुई थी, जब पोत कतर से रवाना हो रहा था। उन्होंने बताया कि जहाज को मुख्यालय से अनुमति मिलने तक होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए गए थे। इस दौरान भारत सरकार सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने के लिए ईरान के अधिकारियों से बातचीत कर रही थी।
भारतीय वायु सेना के पूर्व फ्लाइट इंजीनियर रहे मिथिलेश त्रिपाठी ने बाद में यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया में भी काम किया। वर्तमान में वह जमशेदपुर के परडीह क्षेत्र के पास एक आवासीय सोसाइटी में रहते हैं।अंश की शिक्षा-दीक्षा जमशेदपुर और जादुगोड़ा में हुई। इसके बाद उन्होंने बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान (बीआईटी) से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और आगे चलकर कोच्चि से मरीन इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की। उन्होंने वर्ष 2014-15 के आसपास शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया में काम करना शुरू किया।
मिथिलेश त्रिपाठी ने बताया कि कतर से निकलने से पहले अंश ने केवल इतना कहा था कि वे हिंद महासागर की ओर जा रहे हैं। चालक दल के अन्य सदस्यों की संख्या के बारे में उसने कोई जानकारी साझा नहीं की।उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध जैसी स्थिति की खबरों के बीच परिवार बेहद चिंतित था और लगातार समाचारों पर नजर बनाए हुए था। पोत के सुरक्षित पहुंचने की सूचना मिलते ही परिवार ने राहत महसूस की।
भारत और ईरान के बीच हुई बातचीत के बाद भारतीय ध्वज वाले दो एलपीजी पोत ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’कुल 92,712 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर शनिवार तड़के होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने में सफल रहे।अधिकारियों के अनुसार, ‘शिवालिक’ सोमवार को इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा मंगाए गए 46,000 मीट्रिक टन एलपीजी के साथ मुंद्रा बंदरगाह पहुंचा, जबकि ‘नंदा देवी’ के मंगलवार को गुजरात के कांडला बंदरगाह पहुंचने की संभावना है।





