विदूषी डां. अमिता दुबे समारोह की मुख्य अतिथि रहीं
लखनऊ। आज शनिवार उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान के ‘निराला सभागार’ में कवयित्री रेनुका वर्मा के काव्य – संग्रह ‘ सच की शिलाएँ व शेर – संग्रह अश्आर- ए- बज्म ‘ का लोकापर्ण किया गया। समारोह की अध्यक्षता प्रोफेसर हरिशंकर मिश्र ने की। विदूषी डां. अमिता दुबे समारोह की मुख्य अतिथि रहीं, अति विशिष्ट अतिथि डां. राम कृष्ण, विशिष्ट डा. प्रभान्शु ओझा व डाँ रवि कुमार गोंड रहे। आयोजन के अध्यक्षता करते हुए आचार्य हरिशंकर मिश्र ने कहा कि- कवयित्री रेनुका वर्मा की रचनाऐं अत्यंत उत्कृष्ट हैं। बतौर मुख्य अतिथि अमिता दुबे ने कहा कि रचनाकार की रचनाओं की प्रशंसा की। अति विशिष्ट डाँ• राम कृष्ण रेनूका जी की रचनाओं की प्रशंसा करते हुए पर कहा उत्कृष्ट रचनाधर्मिता बताया। इस अवसर पर हंस राज कालेज दिल्ली के प्रोफेसर द्वय डा . प्रभान्शु ओझा व डाँ रवि कुमार गोंड ने संग्रहों पर समीक्षात्मक विचार व्यक्त किये। सरोज खुल्वै ने माँ की आराधना से समारोह का शुभारम्भ किया। रेनुका वर्मा ने रचनाधर्मिता के पीछे का संघर्ष व अपने अनुभव साझा किये। इस अवसर पर निराला सभागार साहित्यकारों, प्रबुद्ध नागरिकों व साहित्यअनुरागियो की आशातीत उपस्थिति रही। इस अवसर पर सुप्रसिद्ध साहित्यकार डा. जगदीश गुप्त गीतांजलि संस्थान की महामंत्री श्रीमती गीता गुप्ता व साहित्य कार श्री धन सिंह मेहता ‘अनजान’ को विश्व साहित्य सेवा ट्रस्ट द्वारा सम्मानित किया गया। विश्व साहित्य सेवा ट्रस्ट व निखिल प्रकाशन समूह आगरा के प्रमुख मोहन मुरली शर्मा ने सभी के प्रति आभार प्रकट किया। लोकापर्ण समारोह का सफल संचालन साहित्यकार धन सिंह मेहता ‘अनजान ‘ने किया।





